Get App

IT share UNDER PRESSURE : निफ्टी IT इंडेक्स 3% से ज्यादा टूटा, जानिए क्या रही इसकी वजह

IT sector : निफ्टी IT इंडेक्स आज 3 फीसदी से ज्यादा फिसल गया। परसिस्टेंट, टेक महिंद्रा, एम्फैसिस में 4 से 5 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली है। IT इंडेक्स आज 3 फीसदी से ज्यादा टूटा गया 14 अगस्त के बाद ये सबसे निचले स्तरों पर पहुंचा गया

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 31, 2024 पर 5:12 PM
IT share UNDER PRESSURE : निफ्टी IT इंडेक्स 3% से ज्यादा टूटा, जानिए क्या रही इसकी वजह
IT share : CAPGEMINI के रेवेन्यू गाइडेंस घटाने से आईटी शेयरों में निवेशकों के सेंटिमेंट बिगड़ गए हैं। बता दें की CAPGEMINI फ्रांस की IT कंस्लटिंग कंपनी है

Nifty IT index : निफ्टी की मंथली एक्सपायरी के दिन बाजार में बिकवाली का दबाव दिखा। 31 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी सूचकांक लगातार दूसरे सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए आईटी,एफएमसीजी और बैंकों में बिकवाली के बीच निफ्टी 24,200 से नीचे गिर गया। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 553.12 अंक या 0.69 फीसदी की गिरावट के साथ 79,389.06 पर और निफ्टी 135.50 अंक या 0.56 फीसदी की गिरावट के साथ 24,205.35 पर बंद हुआ। मिलेजुले ग्लोबल संकेतों के बीच बाजार आज हल्के हरे रंग में खुला लेकिन तुरंत लाल निशान में फिसल गया। दिन के बढ़ने के साथ नुकसान बढ़ता गया और बाजार दिन के निचले स्तर के करीब बंद हुआ। अक्टूबर के महीने में, बीएसई सेंसेक्स 5.8 फीसदी और निफ्टी 50 इंडेक्स 6.2 फीसदी गिरा है।

आज बाजार को सबसे ज्यादा चोट आईटी,एफएमसीजी और बैंकों में बिकवाली से लगी है। कैपजैमिनी के रेवेन्यू गाइडेंस घटाने से IT कंपनियों का मूड बिगड़ गया। निफ्टी IT इंडेक्स आज 3 फीसदी से ज्यादा फिसल गया। परसिस्टेंट, टेक महिंद्रा, एम्फैसिस में 4 से 5 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली है। IT इंडेक्स आज 3 फीसदी से ज्यादा टूटा गया 14 अगस्त के बाद ये सबसे निचले स्तरों पर पहुंचा गया। आखिर इस सेक्टर में इतनी घबराहट क्यों है आइए इस पर डालते हैं एक नजर।

CAPGEMINI के रेवेन्यू गाइडेंस घटाने से आईटी शेयरों में निवेशकों के सेंटिमेंट बिगड़ गए हैं। बता दें की CAPGEMINI फ्रांस की IT कंस्लटिंग कंपनी है। कंपनी ने अपने गाइडेंस में कॉन्सटेंट करेंसी रेवेन्यू में 2-2.4 फीदी की डी-ग्रोथ की आशंका जताई है। इसके पहले 0.5-1.5 फीसदी डी ग्रोथ की आशंका जताई गई थी। CAPGEMINI के मार्जिन गाइडेंस में भी कमी की गई है। इसे पहले के 13.3-13.6 फीसदी के मुकाबले 13.3-13.4 फीसदी कर दिया गया है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें