Get App

Kalita Majhi: घरों में बर्तन धोने से लेकर विधायक बनने तक... बंगाल में 'भगवा लहर' के बीच BJP की कलिता माझी की क्यों हो रही चर्चा?

Kalita Majhi: भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तरफ से पश्चिम बंगाल की उम्मीदवार कलिता माझी 4 घरों में घरेलू कामगार के तौर पर काम करती हैं। वह महीने के ₹2,500 कमाती हैं। लेकिन अब वह विधायक बन गई हैं। उन्होंने ऑसग्राम निर्वाचन क्षेत्र से ऐतिहासिक जीत हासिल की है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड May 05, 2026 पर 9:51 AM
Kalita Majhi: घरों में बर्तन धोने से लेकर विधायक बनने तक... बंगाल में 'भगवा लहर' के बीच BJP की कलिता माझी की क्यों हो रही चर्चा?
Kalita Majhi: बीजेपी की विधायक बनीं कलिता माझी 4 घरों में घरेलू कामगार के तौर पर काम करती हैं

Kalita Majhi: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता कलिता माझी चर्चा में बनी हुई हैं। घरेलू कामगार के तौर पर काम कर 2,500 रुपये कमाने वाली कलिता अब पश्चिम बंगाल की विधायक बन गई हैं। BJP उम्मीदवार कलिता माझी 4 घरों में घरेलू कामगार के तौर पर काम करती हैं। इन घरों में बर्तन साफ कर वह महीने के ₹2,500 कमाती हैं। उन्होंने ऑसग्राम निर्वाचन क्षेत्र से शानदार जीत हासिल की है। उनकी कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

उनकी यह जीत भारतीय जनता पार्टी को मिले जबरदस्त जनादेश के साथ आई है, जिसने बंगाल में सत्ता पर कब्जा कर लिया है। माझी को 1,07,692 वोट मिले। उन्होंने TMC उम्मीदवार श्यामा प्रसन्ना लोहार को 12,535 वोटों के अंतर से हराया। गुस्करा नगर पालिका की रहने वाली मांझी ने राजनीति में आने से पहले चार घरों में घरेलू सहायिका के तौर पर काम किया था।

उनकी उम्मीदवारी ने अपने जमीनी जुड़ाव के कारण सबका ध्यान खींचा था। अब उनकी जीत चुनावी राजनीति के जरिए सामाजिक आर्थिक तरक्की का एक अनोखा उदाहरण बन गई है। इससे पहले उन्होंने 2021 का विधानसभा चुनाव लड़ा। लेकिन तृणमूल कांग्रेस के अभेदानंद थांडर से 11,815 वोटों से हार गई थीं।

इसके बाद उन्हें दोबारा उम्मीदवार बनाने का BJP का फ़ैसला उनके स्थानीय जुड़ाव पर पार्टी के भरोसे को दिखाता है, जिसका फायदा इस बार उन्हें चुनावी जीत के रूप में मिला है। मांझी की जीत ऐसे समय में हुई है जब BJP को जबरदस्त जीत मिली है। 294 सदस्यों वाली विधानसभा में BJP ने 208 सीटें हासिल कर दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा पार किया। राज्य में तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन को खत्म कर दिया।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें