IT stocks : शुक्रवार को इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी स्टॉक्स ने बाज़ार को लीड किया। Nifty IT इंडेक्स 2.2 प्रतिशत बढ़कर 29,550 पर पहुंच गया। जबकि बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ ट्रेड करते दिखे। टेक्निकल एनालिस्ट्स का मानना है कि अगर इंडेक्स 29,650 के अहम स्तर से ऊपर बना रहता है तो IT सेक्टर की रिकवरी 31,280 के स्तर तक पहुंच सकती है। ऐसे में Infosys, TCS और HCL Technologies जैसे स्टॉक्स शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग के लिए बेहतर नज़र आ रहे हैं।
Infosys का स्टॉक 3.7 प्रतिशत बढ़कर 1,203 रुपये पर पहुंच गया और Nifty पर सबसे ज़्यादा बढ़त बनाने वाला स्टॉक बन गया। Tech Mahindra के शेयर 2.1 प्रतिशत बढ़े, Wipro में 1.6 प्रतिशत की बढ़त हुई, HCL Technologies 1.5 प्रतिशत ऊपर गया और TCS में 0.4 प्रतिशत की बढ़त हुई। Midcap IT स्टॉक्स में Coforge 3.8 प्रतिशत ऊपर चढ़ा, जबकि Persistent Systems में 2.8 प्रतिशत की बढ़त हुई।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों को लेकर दुनिया भर में फिर से जागे उत्साह के बीच आज भारत के आईटी शेयरों में भी तेजी आई है। कल वॉल स्ट्रीट में नए रिकॉर्ड स्तर के बाद आज शुक्रवार को एशियाई टेक्नोलॉजी शेयरों में तेजी आई। एआई इंफ्रा ढांचे पर बढ़ते खर्च और डेटा-सेंटर की मांग में मजबूती के चलते आईटी शेयरों में जोश देखने को मिला है।
निफ्टी आईटी टेक्निकल व्यू और टॉप स्टॉक पिक्स
बोनान्जा (Bonanza) के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट कुणाल कांबले का कहना है कि निफ्टी IT इंडेक्स एक अहम सपोर्ट ज़ोन से वापस ऊपर उठा है। यह ऑवर्ली चार्ट पर इनवर्स हेड एंड सोल्डर पैटर्न बना रहा है,जो एक बुलिश टेक्निकल सेटअप है और यह अक्सर ट्रेंड में रिकवरी से जुड़ा होता है। उन्होंने आगे कहा कि पैटर्न की नेकलाइन के ऊपर एक ब्रेकआउट पहले ही शुरू हो चुका है। इससे उन हैवीवेट IT शेयरों में और बढ़त की राह खुल गई है जो आमतौर पर ब्रॉडर इंडेक्स के साथ ही चलते हैं। इनमें Infosys, TCS और HCL Technologies शामिल हैं।
कुणाल कांबले का कहना है कि जब तक निफ्टी IT इंडेक्स 29,650 के ऊपर बना रहता है,तब तक ट्रेडिंग के नजरिए इस सेक्टर का शॉर्ट टर्म रुझान पॉजिटिव बना रहेगा। इस स्तर के ऊपर टिके रहने पर IT इंडेक्स के 31,280 की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि,उन्होंने आगाह किया कि मौजूदा उछाल किसी नए लॉन्ग टर्म अपट्रेंड की पुष्टि होने के बजाय एक तकनीकी रिकवरी ज़्यादा लग रहा है। 28,800 के नीचे गिरने से एक बार फिर पूरे सेक्टर में बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और मौजूदा रिकवरी कमज़ोर पड़ सकती है। शॉर्ट टर्म ट्रेडरों के लिए 29,650-31,280 का जोन अहम रेजिस्टेंस होगा। वहीं,28,800 के नीचे कोई भी गिरावट इंडेक्स में कमजोरी बढ़ा सकती है।
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