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IT कंपनियों के स्टॉक्स में निवेश करने के बारे में सोच रहे हैं? पहले जेफरीज की यह रिपोर्ट पढ़ लें

ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने आईटी स्टॉक्स पर एक रिपोर्ट पेश की है। इसमें उसने कुछ बड़ी आईटी कंपनियों के मैनेजमेंट के हवाले से कहा है कि डिमांड के मामले में स्थिति में बदलाव नहीं आया है। यह माना जा रहा था कि अमेरिकी में इंटरेस्ट रेट घटने से आईटी सर्विसेड की डिमांड बढ़ेगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 24, 2024 पर 9:50 AM
IT कंपनियों के स्टॉक्स में निवेश करने के बारे में सोच रहे हैं? पहले जेफरीज की यह रिपोर्ट पढ़ लें
23 सितंबर को Nifty Index अकेला गिरने वाला इंडेक्स रहा। इसमें 0.5 फीसदी गिरावट आई।

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट में 50 बेसिस प्वॉइंट्स कमी करने के बाद निवेशकों की दिलचस्पी आईटी कंपनियों के स्टॉक्स में बढ़ी है। इंटरेस्ट रेट में कमी से कंपनियों पर इंटरेस्ट पेमेंट का बोझ घटेगा। इससे वे आईटी पर खर्च बढ़ाएंगी। इसका फायदा आईटी कंपनियों को नई डील्स के रूप में मिलेगा। लेकिन, ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने इस बारे में एक रिपोर्ट पेश की है। इसमें कहा गया है कि एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और एलटीआईमाइंडट्री के मैनेजमेंट ने कहा है कि आईटी सर्विसेज की डिमांड के मामले में किसी तरह का बदलाव नहीं दिख रहा। इसलिए जेफरीज ने निवेशकों को आईटी शेयरों में निवेश करने में सेलेक्टिव रहने की सलाह दी है।

अमेरिका पर मंडरा रहे मंदी के बादल

इंडियन आईटी कंपनियों ने पिछले कुछ सालों में अपने खर्च घटाए हैं। इसकी वजह ग्लोबल इकोनॉमी में अनिश्चितता और ज्यादा इंटरेस्ट रेट जैसी चीजें रही हैं। इन कंपनियों के रेवेन्यू का बड़ा हिस्सा अमेरिका से आता है। फेडरल रिजर्व के 18 सितंबर को इंटरेस्ट रेट में 50 बेसिस प्वाइंट्स की कमी के बाद आईटी कंपनियों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। उनके लिए कर्ज लेना आसान होगा, जिससे वे खर्च बढ़ा सकेंगी। लेकिन, अमेरिकी इकोनॉमी पर अब भी मंदी के बादल मंडरा रहे हैं। अगस्त में आए रोजगार के डेटा निराशाजनक थे। इससे लेबर मार्केट में मौके घटने के संकेत मिले। इससे मंदी का डर बढ़ा है।

रोजगार के मौकों में अनुमान से कम इजाफा

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