IT Stocks: घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को बड़ी गिरावट आई। Sensex और Nifty करीब 1.5% तक टूटे। इसके उलट IT शेयरों में अच्छी खरीदारी हुई।

IT Stocks: घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को बड़ी गिरावट आई। Sensex और Nifty करीब 1.5% तक टूटे। इसके उलट IT शेयरों में अच्छी खरीदारी हुई।
Nifty IT इंडेक्स 2% तक चढ़कर 28,289.85 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में भी इसमें तेजी आई थी। IT इंडेक्स हरे निशान में रहने वाला अकेला सेक्टोरल इंडेक्स रहा।
बाकी सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में थे। Sensex और Nifty लगातार आठवें हफ्ते गिरावट की ओर बढ़ रहे थे। ऐसा करीब 25 साल बाद हो रहा है।
किन आईटी शेयरों में दिखा उछाल
IT कंपनी Mphasis गुरुवार को सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयरों में रही। शेयर करीब 5% तक उछला। वहीं Coforge का शेयर करीब 4.31% चढ़ा। Infosys में भी 3.5% की तेजी रही। Persistent Systems, TCS, HCL Technologies, Tech Mahindra और Wipro के शेयर 2% तक बढ़े।
Nifty IT की 10 कंपनियों में से 8 शेयर हरे निशान में रहे। Oracle Financial Services Software और LTM ही गिरावट में कारोबार कर रहे थे।
अमेरिका की महंगाई से मिला सपोर्ट
IT शेयरों को अमेरिका से आए महंगाई के आंकड़ों से सपोर्ट मिला। अगस्त में वहां महंगाई उम्मीद से कम बढ़ी। पिछले महीने के आंकड़ों में भी कटौती की गई।
इसके बाद अमेरिकी फेड की ब्याज दर बढ़ाने की आशंका कम हो गई। CME FedWatch के मुताबिक 28 अक्टूबर की बैठक में दर बढ़ने की संभावना 38% रह गई। एक दिन पहले यह 50% थी। एक हफ्ते पहले यह करीब 71% थी।
न्यूयॉर्क फेड के अध्यक्ष जॉन विलियम्स ने भी कहा कि अगली दर बढ़ोतरी को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं है। अमेरिका में ब्याज दर बढ़ने की आशंका कम होने से शेयर बाजार को राहत मिल सकती है। इसका असर भारतीय IT शेयरों पर भी दिखा।
IT शेयरों पर क्यों नजर?
IT कंपनियों के तिमाही नतीजों का सीजन अगले हफ्ते शुरू होगा। TCS 8 अक्टूबर को दूसरी तिमाही के नतीजे जारी करेगी। Kotak Institutional Equities का मानना है कि बड़ी IT कंपनियों की ग्रोथ सुस्त रह सकती है। वहीं Persistent Systems, Coforge और Mphasis जैसी मिड-टियर कंपनियों की ग्रोथ बेहतर रहने का अनुमान है।
ब्रोकरेज के मुताबिक Persistent Systems की तिमाही-दर-तिमाही ग्रोथ 7% रह सकती है। इसमें एक बड़े डील के रैंप-अप का फायदा मिलने की उम्मीद है। Coforge की ग्रोथ 4.5% और Mphasis की 3.5% रह सकती है।
मिड-टियर कंपनियों की बढ़त
Kotak के मुताबिक मिड-टियर IT कंपनियां बेहतर एक्जीक्यूशन के दम पर मार्केट शेयर बढ़ा रही हैं। वहीं बड़ी कंपनियां अपने मौजूदा रेवेन्यू को बचाए रखने पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं।
ब्रोकरेज के मुताबिक पिछले कुछ साल में कुछ बड़ी कंपनियों को उनके प्रतिद्वंद्वियों की कमजोर एक्जीक्यूशन का फायदा मिला। अब ज्यादातर बड़ी IT कंपनियों का कामकाज बेहतर हुआ है। ऐसे में बड़े डील के लिए कंपनियों के बीच मुकाबला बढ़ गया है।
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