IT Stocks: आईटी शेयरों में 'हाहाकार'! 3 साल के निचले स्तर पर इंडेक्स; विप्रो, इंफोसिस, TCS लुढ़के

IT Stocks: भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों में आज 17 मार्च को भारी गिरावट देखने को मिली। निफ्टी आईटी इंडेक्स 2 प्रतिशत से अधिक गिरकर पिछले करीब तीन साल के सबसे निचले स्तर के पास पहुंच गया। सबसे अधिक गिरावट लार्जकैप आईटी कंपनियों के शेयरों में देखने को मिली

अपडेटेड Mar 17, 2026 पर 10:36 AM
Story continues below Advertisement
IT Stocks: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली भी लार्जकैप शेयरों पर दबाव बना रही है

IT Stocks: भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों में आज 17 मार्च को भारी गिरावट देखने को मिली। निफ्टी आईटी इंडेक्स 2 प्रतिशत से अधिक गिरकर पिछले करीब तीन साल के सबसे निचले स्तर के पास पहुंच गया। सबसे अधिक गिरावट लार्जकैप आईटी कंपनियों के शेयरों में देखने को मिली।

सुबह 9.30 बजे के करीब, निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। इसके साथ ही यह दिन का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बन गया।

दूसरी ओर सेंसेक्स 93 अंक या 0.1 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 75,410 के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 32 अंक फिसलकर 23,377 पर कारोबार कर रहा था। हालांकि बाजार का ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना रहा, जहां 1,632 शेयरों में बढ़त और 1,363 में गिरावट देखी गई।


आईटी सेक्टर के सभी प्रमुख शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। विप्रो 3 प्रतिशत से अधिक गिरकर निफ्टी का सबसे बड़ा लूजर बना। इंफोसिस करीब 2.2 प्रतिशत टूट गया। वहीं HCL टेक्नोलॉजीज में लगभग 2.1 प्रतिशत की गिरावट आई।

TCS के शेयर करीब 1.8 प्रतिशत और टेक महिंद्रा 1.2 प्रतिशत से अधिक नीचे रहा। इस तरह निफ्टी के टॉप लूजर्स में आईटी सेक्टर के लगभग सभी बड़े नाम शामिल रहे।

मिडकैप आईटी शेयरों में भी दबाव

बिकवाली का असर केवल लार्जकैप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मिडकैप आईटी शेयरों में भी भारी गिरावट देखी गई। कोफोर्ज का शेयर 5 प्रतिशत से अधिक टूटकर बीएसई मिडकैप इंडेक्स का सबसे बड़ा लूजर बन गया।

गिरावट के पीछे कारण

आईटी शेयरों में कमजोरी ऐसे समय आई है जब पूरा बाजार लगभग सपाट कारोबार कर रहा था, जिससे यह साफ होता है कि दबाव सेक्टर-स्पेसिफिक है। एनालिस्ट्स का कहना है कि इसके पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी मॉनिटरी पॉलिसी बैठक है। बाजार में यह सेंटीमेंट बन रहा है कि फेडरल रिजर्व फिलहाल ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगा, जिससे ग्लोबल आईटी खर्च पर असर पड़ सकता है।

इसके अलावा अमेरिका जैसे प्रमुख बाजारों में मांग को लेकर अनिश्चितता, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ग्लोबल इकोनॉमिक सुस्ती की आशंका भी आईटी सेक्टर पर दबाव बना रही है।

FII की बिकवाली का असर

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट्स वीके विजयकुमार के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली भी लार्जकैप शेयरों पर दबाव बना रही है। उनका कहना है कि निकट अवधि में FII की बिकवाली जारी रह सकती है, और इसका असर मजबूत फंडामेंटल वाले सेक्टरों पर भी दिख रहा है।

यह भी पढ़ें- Redington Shares: रेडिंगटन के शेयर 5% तक टूटे; जंग के चलते खाड़ी देशों में कंपनी का कारोबार प्रभावित

डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।