IT Stocks: चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने आईटी कंपनियों की रेटिंग-टारगेट घटाए, कहा- रिकवरी में लग सकता है वक्त
IT Stocks: आईटी सेक्टर पर दबाव अभी बना हुआ है। ब्रोकरेज का मानना है कि मांग में सुधार की रफ्तार धीमी है। ऐसे में कई कंपनियों के टारगेट प्राइस घटाए गए हैं। जानिए किन आईटी शेयरों पर खरीदारी की सलाह बरकरार है और किनकी रेटिंग बदली गई।
ब्रोकरेज फर्म चॉइस इंस्टीयूशनल इक्विटीज का मानना है कि आईटी शेयरों में पहले ही अच्छी-खासी गिरावट आ चुकी है।
IT Stocks: ब्रोकरेज फर्म Choice Institutional Equities का मानना है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) भारतीय आईटी सेक्टर के लिए एक और कमजोर तिमाही साबित हो सकती है। ब्रोकरेज के मुताबिक, मांग में सुधार नहीं दिख रहा। उल्टा हालात और बिगड़े हैं। इससे साफ है कि जिस रिकवरी की उम्मीद थी, वह अब और आगे खिसक गई है।
ब्रोकरेज का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता अब भी बनी हुई है। कंपनियां नए फैसले लेने में समय लगा रही हैं। AI की वजह से प्रोडक्टिविटी बढ़ी है, लेकिन इसका असर रेवेन्यू पर दबाव के रूप में दिख रहा है। वहीं, भू-राजनीतिक तनाव भी बना हुआ है। इन सब वजहों से कंपनियां गैरजरूरी (Discretionary) खर्च कम कर रही हैं। इसका असर पूरे आईटी सेक्टर की ग्रोथ पर पड़ रहा है।
लार्जकैप और मिडकैप पर अनुमान
ब्रोकरेज का मानना है कि बड़ी आईटी कंपनियों की कॉन्स्टेंट करेंसी (CC) ग्रोथ तिमाही आधार पर सपाट रह सकती है। कुछ कंपनियों में हल्की गिरावट भी देखने को मिल सकती है।
वहीं, मिडकैप आईटी कंपनियां बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। इसकी वजह नए डील्स का शुरू होना और बाजार हिस्सेदारी बढ़ना है।
कमाई के अनुमान में कटौती
Choice Institutional Equities का कहना है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही की ग्रोथ पूरे साल के गाइडेंस के हिसाब से कमजोर दिख रही है। ऐसे में आने वाली तिमाहियों में कई कंपनियां अपने गाइडेंस में बदलाव कर सकती हैं। कमाई के अनुमान भी घटाए जा सकते हैं।
इसी वजह से ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 और 2028 के लिए पूरे आईटी सेक्टर की कमाई के अनुमान में 0.1% से 16.7% तक की कटौती की है। साथ ही, कई कंपनियों के टारगेट प्राइस और वैल्यूएशन में भी 0% से 21.6% तक की कमी की गई है। इसकी वजह कमजोर मांग, AI की वजह से रेवेन्यू पर दबाव और बढ़ता एग्जीक्यूशन रिस्क है।
क्या अब आईटी शेयरों में खरीदारी का मौका है?
ब्रोकरेज का मानना है कि आईटी शेयरों में पहले ही अच्छी-खासी गिरावट आ चुकी है। इसलिए अब नीचे जाने की गुंजाइश सीमित दिखती है। हालांकि, सेक्टर में दोबारा तेज तेजी तभी आएगी, जब मांग में सुधार दिखे। कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ तेज हो। साथ ही, GenAI से सिर्फ लागत घटाने के बजाय कमाई बढ़ने के भी साफ संकेत मिलें।
HCLTech : चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने HCLTech की रेटिंग 'Add' से बढ़ाकर 'Buy' कर दी है। हालांकि, टारगेट प्राइस 1,500 रुपये से घटाकर 1,410 रुपये कर दिया गया है।
Mphasis : इसकी रेटिंग 'Buy' से घटाकर 'Add' कर दी गई है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 2,520 रुपये रखा गया है।
Persistent Systems : ब्रोकरेज ने Persistent Systems की रेटिंग घटाकर 'Add' कर दी है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 5,010 रुपये तय किया गया है।
Tech Mahindra : महिंद्रा ग्रुप की आईटी कंपनी की रेटिंग भी घटाकर 'Add' कर दी गई है। ब्रोकरेज ने शेयर का नया टारगेट प्राइस 1,600 रुपये रखा है।
Zensar Technologies : ब्रोकरेज ने Zensar Technologies की रेटिंग भी 'Add' कर दी है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 560 रुपये तय किया गया है।
TCS : चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने टाटा ग्रुप की आईटी TCS पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, टारगेट प्राइस घटाकर 2,625 रुपये कर दिया गया है।
Infosys : इस आईटी कंपनी पर भी 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी गई है। ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस घटाकर 1,360 रुपये कर दिया है।
Happiest Minds : इस पर ब्रोकिंग फर्म ने 'Buy' रेटिंग कायम रखी है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 440 रुपये कर दिया गया है।
Coforge : चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने Coforge पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है। कंपनी का टारगेट प्राइस 1,900 रुपये पर कायम रखा गया है।
Wipro : ब्रोकरेज ने Wipro पर 'Add' रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, टारगेट प्राइस घटाकर 185 रुपये कर दिया गया है।
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