ITC Hotels Demerger: आईटीसी ने अपने होटल्स बिजनेस को अलग करने यानी डीमर्ज करने का ऐलान कर दिया है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि आईटीसी होटल्स (ITC Hotels) के शेयर की कीमत 15 रुपये से 23 रुपये के बीच होगी। हालांकि सोमवार को आईटीसी के शेयरों में आई गिरावट को देखते हुए बाजार इस स्टॉक की कीमत के 21 रुपये के आसपास होने का अनुमान लगा रहा है। आईटीसी लिमिटेड के शेयर सोमवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर 4.3 फीसदी गिरकर 469.35 रुपये के भाव पर बंद हुए। जेफरीज के आंकड़ों के मुताबिक, आईटीसी के कुल रेवेन्यू में उसके होटल बिजनेस का योगदान सिर्फ 4 प्रतिशत है, जबकि इसके कैपिटल एक्सपेंडिचर में इसका हिस्सा 21 प्रतिशत है। यानी आईटीसी के कुल खर्च का करीब 21 प्रतिशत सिर्फ इसके होटल बिजनेस पर किया जाता है।
यही कारण है कि जेफरीज ने इस स्टॉक को EV/EBITDA के 18 गुना मल्टीपल पर वैल्यू दी है, जो कि दूसरे प्रमुख भारतीय होटलों को लेकर इसके दिए गए टारगेट प्राइस से कम है। हालांकि, घरेलू ब्रोकिंग कंपनियां आईटीसी होटल्स और इंडियन होटल्स को बराबर वैल्यूएशन दे रही हैं।
कोरोना महामारी के बाद आईटीसी के होटल बिजनेस में फिर से उछाल आया। लॉकडाउन नियमों में ढील के बाद देश भर में ट्रैवल की मांग में उछाल आया था, जिससे होटलों की मांग बढ़ने लगी थी। वित्त वर्ष 2023 में आईटीसी के होटल बिजनेस का रेवेन्यू लगभग दोगुना होकर करीब 2500 करोड़ रुपये हो गया।
प्रभुदास लीलाधर ने कहा कि आईटीसी ने डी-मर्जर के लिए सही समय चुना है। इसका होटल बिजनेस लंबे समय के बाद अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और इसके होटल रूम के रेट में बढ़ोतरी और ऑक्यूपेंसी लेवल से साफ देखा जा सकता है। होटल इंडस्ट्री को लेकर ग्रोथ आउटलुक भी पॉजिटिव बना हुआ है और क्रिकेट वर्ल्ड कप और G20 जैसे बड़े इवेंट के चलते इनकी मांग बढ़ने की उम्मीद है।
कंपनी ने मार्च तिमाही के नतीजों के बाद निवेशकों को दिए प्रजेंटेशन में बताया था कि आईटीसी होटल्स के पास अगली तिमाहियों के लिए वेलकमहोटल, मेमेंटोस, स्टोर्री और फॉर्च्यून ब्रांड्स जैसी प्रोजेक्ट के तहत एक मजबूत पाइपलाइन है। मार्च तिमाही में ITC के होटल बिजनेस का EBITDA मार्जिन सालाना आधार पर 11.70% बढ़ा था।
ITC Hotels के शेयर को किस ब्रोकरेज फर्म ने कितने रूपये पर लिस्ट होने का अनुमान जताया है, इसे आप नीचे दिए ग्राफ में देख सकते हैं-