J Kumar Infra Shares: जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स को ₹1184 करोड़ का एक EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्यूरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इसके तहत कंपनी को लखनऊ में एक इंटरनेशनल एग्जिबिशन-कम-कंवेशन सेंटर बनाना है। कंपनी ने इसकी जानकारी एक्सचेंज फाइलिंग में 4 अप्रैल को दी। अब इसका असर सोमवार 6 अप्रैल को स्टॉक मार्केट खुलने पर शेयरों की चाल पर दिख सकता है। अभी की बात करें तो पिछले कारोबारी दिन यानी गुरुवार 2 अप्रैल को बीएसई पर यह 0.08% की गिरावट के साथ ₹454.75 (J Kumar Infra Share Price) पर बंद हुआ था। शुक्रवार 3 अप्रैल को गुड फ्राइडे के मौके पर स्टॉक मार्केट में कारोबार बंद था।
कैसा काम मिला है J Kumar Infra को?
जे कुमार इंफ्रा को 3 अप्रैल को यूपी में सुपरिटेंडिंग इंजीनियर, पीएमसीएसवाई सर्किल, पीडब्ल्यूडी (पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट), लखनऊ से एक LoA (लेटर ऑफ एस्सेप्टेंस) मिला। इस प्रोजेक्ट के तहत लखनऊ के वृंदावन योजना, सेक्टर-15 में 10,000 लोगों की क्षमता वाला कन्वेंशन सेंटर की डिजाइनिंग, इंजीनियरिंग और निर्माण का काम है। इसे EPC मोड पर पूरा किया जाएगा। इस कॉन्ट्रैक्ट की टोटल वैल्यू ₹1,184 करोड़ है जिसमें सभी टैक्सेज और लेबर सेसेज शामिल है लेकिन जीएसटी शामिल नहीं है। इस पर 24 महीने के भीतर काम पूरा करना है।
एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?
दिग्गज इंफ्रा कंपनी जे कुमार इंफ्रा के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 10 जून 2025 को बीएसई पर यह ₹764.00 के भाव पर था जो कि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई है। इस हाई से 9 ही महीने में यह 44.42% टूटकर 30 मार्च 2026 को ₹424.60 पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस दौरान मार्केट के हाल की बात करें तो घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 50 इस दौरान यानी कि 10 जून 2025 से 30 मार्च 2026 तक करीब 11% कमजोर हुआ। हालांकि निफ्टी 50 इसी अवधि के दौरान 5 जनवरी 2026 को 26,373.20 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा था।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।