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Jaiprakash Associates Acquisition: वेदांता को NCLAT से फिर झटका, अदाणी समूह की बोली के खिलाफ अपील खारिज

Jaiprakash Associates Acquisition: अदाणी ग्रुप की बोली मंजूर किए जाने के फैसले को NCLT की इलाहाबाद पीठ ने 17 मार्च 2026 को मंजूरी दी थी। 24 मार्च को NCLAT ने वेदांता समूह की उस याचिका पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था, जिसमें NCLT के आदेश को चुनौती दी गई थी

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड May 04, 2026 पर 2:58 PM
Jaiprakash Associates Acquisition: वेदांता को NCLAT से फिर झटका, अदाणी समूह की बोली के खिलाफ अपील खारिज
JAL के ग्रेटर नोएडा में जेपी ग्रीन्स जैसे प्रमुख रियल एस्टेट प्रोजेक्ट हैं।

जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) की खरीद से जुड़े मामले में वेदांता लिमिटेड को नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्राइब्यूनल (NCLAT) ने फिर खाली हाथ लौटा दिया है। NCLAT ने वेदांता लिमिटेड की दो याचिकाएं सोमवार को खारिज कर दीं। कंपनी ने इनमें कर्ज में डूबी जयप्रकाश एसोसिएट्स के लिए अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की बोली के सिलेक्शन को चुनौती दी थी। अदाणी समूह ने JAL की खरीद के लिए 14,535 करोड़ रुपये की बोली लगाई है। अदाणी एंटरप्राइजेज ने JAL के लिए लगाई बोली में वेदांता लिमिटेड और डालमिया भारत को पीछे छोड़ते हुए जीत हासिल की।

JAL के ग्रेटर नोएडा में जेपी ग्रीन्स जैसे प्रमुख रियल एस्टेट प्रोजेक्ट हैं। इसके मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में 4 सीमेंट प्लांट हैं। साथ ही मध्य प्रदेश में पट्टे पर ली गईं चूना पत्थर की कुछ खदानें हैं। इसके अलावा, इसने जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड, यमुना एक्सप्रेसवे टोलिंग लिमिटेड, जेपी इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट लिमिटेड और कई अन्य कंपनियों सहित सब्सिडियरी कंपनियों में भी निवेश किया है। इसकी होटल डिवीजन की दिल्ली-NCR, मसूरी और आगरा में 5 प्रॉपर्टी हैं।

NCLAT ने वेदांता की ओर से उठाए गए मुद्दों में कोई आधार नहीं पाया और उसकी दोनों याचिकाओं को खारिज कर दिया। ट्राइब्यूनल के चेयरपर्सन जस्टिस अशोक भूषण और टेक्निकल मेंबर बरुण मित्रा की दो-सदस्यीय पीठ ने पाया कि ऋणदाताओं की समिति (कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स/CoC) ने JAL के लिए वेदांता के रिजॉल्यूशन प्लान के मुकाबले अदाणी समूह की बोली को प्राथमिकता देकर सही फैसला किया था।

NCLT ने मार्च में अदाणी द्वारा खरीद को दी थी मंजूरी

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