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अमेरिका-जापान के मार्केट की गिरावट का भारत पर नहीं पड़ेगा अधिक असर, जेफरीज का भरोसा

Stock Market Strategy: अमेरिकी रोजगार के आंकड़ों ने अमेरिकी स्टॉक मार्केट को करारा झटका दे दिया। अमेरिकी लेबर मार्केट में कमजोरी का यह आंकड़ा ऐसे समय में आया है, जब महंगाई दर अभी भी फेडर रिजर्व के 2 फीसदी के अपर लिमिट से ऊपर बनी हुई है। अब जेफरीज के एनालिस्ट क्रिस्टोफर वुड का कहना है कि ऐसे समय में इस बात की संभावना बन रही है कि अमेरिकी फेड इंफ्लेशन की बजाय लेबर मार्केट पर अधिक फोकस करेगा

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Aug 05, 2024 पर 7:51 PM
अमेरिका-जापान के मार्केट की गिरावट का भारत पर नहीं पड़ेगा अधिक असर, जेफरीज का भरोसा
जेफरीज के एनालिस्ट क्रिस्टोफर वुड के मुताबिक भारतीय स्टॉक मार्केट में अधिक तेजी दिख सकती है क्योंकि यहां देशी निवेश का सपोर्ट काफी तगड़ा है जबकि जापान में ऐसा नहीं है।

Stock Market Strategy: अमेरिकी रोजगार के आंकड़ों ने अमेरिकी स्टॉक मार्केट को करारा झटका दे दिया। अमेरिकी लेबर मार्केट में कमजोरी का यह आंकड़ा ऐसे समय में आया है, जब महंगाई दर अभी भी फेडर रिजर्व के 2 फीसदी के अपर लिमिट से ऊपर बनी हुई है। अब जेफरीज के एनालिस्ट क्रिस्टोफर वुड का कहना है कि ऐसे समय में इस बात की संभावना बन रही है कि अमेरिकी फेड इंफ्लेशन की बजाय लेबर मार्केट पर अधिक फोकस करेगा और ब्याज दरों में अधिक कटौती हो सकती है। जेफरीज के ग्रीड एंड फियर नोट के मुताबिक ब्याज दरों में कटौती का मतलब ये नहीं कि अमेरिकी शेयरों के लिए पॉजिटिव माहौल बन जाए। हालांकि भारत को लेकर क्रिस वुड पॉजिटिव दिख रहे हैं और उनका मानना है कि यहां तेजी दिख सकती है।

अमेरिका में रोजगार की क्या है स्थिति?

लेबर डिपार्टमेंट के ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स ने 3 अगस्त को जो आधिकारिक आंकडे़ जारी किए, उसके मुताबिक जुलाई में 1.14 लाख नौकरियां ही तैयार हुईं जो जून की तुलना में काफी कम रहीं और मार्केट के अनुमान से भी। बेरोजगारी दर भी सितंबर 2021 के बाद से सबसे ऊंचे स्तर 4.3 फीसदी पर पहुंच गई। इससे मंदी की आशंका बनी है। अप्रैल 2023 में बेरोजगारी दर पांच दशक के निचले स्तर 3.4 फीसदी पर थी। जुलाई के पहले एक साल में औसतन 2.15 लाख नौकरियां तैयार हो रही थीं।

मार्केट पर क्या दिख सकता है असर?

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