इंटरनेशनल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने प्राइवेट सेक्टर के HDFC Bank में अपनी होल्डिंग्स बेच दी हैं। साथ ही अपना इंडिया वेटेज भी कम कर दिया है। यह कदम तब उठाया गया है, जब बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अतानु चक्रवर्ती इस्तीफा दे चुके हैं। अपनी ताजा 'ग्रीड एंड फीयर' रिपोर्ट में, जेफरीज के टॉप स्ट्रेटेजिस्ट क्रिस वुड्स ने बैंक के स्टॉक में अपना एक्सपोजर 3 मुख्य पोर्टफोलियो से कम कर दिया। ये पोर्टफोलियो हैं- एशिया एक्स-जापान लॉन्ग-ओनली इक्विटी पोर्टफोलियो, ग्लोबल लॉन्ग-ओनली इक्विटी पोर्टफोलियो और इंटरनेशनल लॉन्ग-ओनली इक्विटी पोर्टफोलियो (ex-USA)। हालांकि, वुड्स ने इस फैसले के पीछे का तर्क नहीं बताया।
सभी पोर्टफोलियो के लिए ब्रोकरेज ने HDFC Bank में निवेश हटाकर HSBC में 4% वेटेज के साथ निवेश बढ़ाने का फैसला किया। इससे ब्रोकरेज की भारत में होल्डिंग्स का वेटेज भी कम हो गया। ब्रोकरेज ने यह भी बताया कि एशिया पैसिफिक एक्स-जापान रिलेटिव-रिटर्न पोर्टफोलियो में भी कुछ बदलाव किए जाएंगे।
रिपोर्ट में कहा गया, "ऑस्ट्रेलिया और भारत में वेटेज 2-2 प्रतिशत अंक कम किया जाएगा, जबकि ताइवान में वेटेज 4 प्रतिशत अंक बढ़ाकर 'Underweight' की श्रेणी में लाया जाएगा।" जेफरीज के एशिया पैसिफिक एक्स-जापान एसेट एलोकेशन में भारत का वेटेज 13 प्रतिशत है। यह MSCI AC एशिया पैसिफिक एक्स-जापान के वेटेज से 50 बेसिस पॉइंट ज्यादा है।
HDFC Bank का शेयर 3 प्रतिशत लुढ़का
HDFC Bank के शेयर में 27 मार्च को दिन में 3 प्रतिशत की गिरावट आई। दिन में BSE पर शेयर 754.45 रुपये के लो तक गया। बाद में 756.25 रुपये पर सेटल हुआ। बैंक का मार्केट कैप गिरकर 11.64 लाख करोड़ रुपये पर आ गया है। ऐसी खबर है कि SEBI अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे की समीक्षा कर रहा है। SEBI यह देखना चाहता है कि कहीं लिस्टेड कंपनियों के डायरेक्टर्स को नियंत्रित करने वाले नियमों का कोई उल्लंघन तो नहीं हुआ है।
HDFC Bank ने 18 मार्च को सूचना दी थी कि पार्ट टाइम चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अतानु चक्रवर्ती ने इस्तीफा दे दिया है। अब केकी मिस्त्री को अंतरिम पार्ट टाइम चेयरमैन नियुक्त किया गया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने उन्हें 19 मार्च 2026 से लेकर अगले 3 महीने की अवधि के लिए अंतरिम पार्ट टाइम चेयरमैन नियुक्त किए जाने को मंजूरी दे दी। अपने इस्तीफे में चक्रवर्ती ने कहा है कि पिछले दो वर्षों में बैंक के अंदर हुए कुछ घटनाक्रम और कार्यप्रणालियां उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं थीं। उनका कार्यकाल 4 मई 2027 को समाप्त हो रहा था।
HSBC ने टारगेट प्राइस घटाया
हाल ही में ब्रोकरेज फर्म HSBC ने HDFC Bank के शेयर के लिए अपना टारगेट प्राइस घटा दिया। हालांकि 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी। नया टारगेट प्राइस ₹990 है, जबकि पहले यह ₹1,070 था। ब्रोकरेज ने कहा कि बैंक के पार्ट टाइम चेयरमैन का इस्तीफा गवर्नेंस से जुड़ी चिंताओं के बजाय विचारों में मतभेद के कारण हुआ लगता है। HSBC ने चेतावनी दी है कि इस घटनाक्रम से वैल्यूएशन मल्टीपल में कुछ कमी आ सकती है। परफॉर्मेंस मेट्रिक्स में सुधार ही इस असर को कम करने का मुख्य तरीका होगा।
मैक्वेरी ग्रुप पहले ही HDFC Bank को अपनी 'मर्की बाय लिस्ट' से हटा चुका है। हालांकि, ब्रोकरेज ने HDFC Bank के शेयर पर अपनी 'आउटपरफॉर्म' रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस ₹1200 प्रति शेयर निर्धारित किया है। जेपी मॉर्गन चेस ने शेयर को 'न्यूट्रल' रेटिंग देते हुए ₹1,090 का टारगेट प्राइस तय किया है।
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