दिग्गज इनवेस्टर Jeremy Grantham ने अमेरिकी बैंकिंग क्राइसिस के बारे में बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका में बैंकिंग क्राइसिस अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा है कि अमेरिका गहरी मंदी की तरफ बढ़ रहा है। दुनिया के दिग्गज स्टॉक इनवेस्टर Warren Buffett ने भी पिछले हफ्ते कहा था कि अमेरिका में बैंकिंग क्राइसिस खत्म नहीं हुई है। दुनिया के दो दिग्गज निवेशकों के इस बयान से यह साफ हो जाता है कि आने वाला समय काफी मुश्किल होगा। यह न सिर्फ अमेरिका के लिए मुश्किल होगा बल्कि इसका असर दुनिया के दूसरे देशों पर भी पड़ेगा।
ग्रांथम ने फेडरल रिजर्व की पॉलिसी को बताया जिम्मेदार
84 साल के Grantham ने कहा कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक पॉलिसी की वजह से कुछ और बैंकों के डूबने की खबर आ सकती है। पिछले महीने अमेरिका में सिलिकॉन वैली बैंक (SVB) डूब गया था। क्रेडिट स्विस भी डूबने की कगार पर पहुंच गया था। लेकिन, अमेरिकी सरकार और रेगुलेटर्स की कोशिशों के बाद इसे डूबने से बचा लिया गया। UBS के इसे खरीदने के लिए राजी होने के बाद इस पर मंडरा रहा खतरा टल गया। लेकिन, ग्रांथम और बफे के बयानों से ऐसा लगता है कि अमेरिकी बैंकिंग सेक्टर का संकट अभी खत्म नहीं हुआ है।
अमेरिकी मार्केट 50 फीसदी तक गिर सकते हैं
Jeremy Grantham ने सीएनएन को हाल में दिए इंटरव्यू में कहा कि S&P 500 में 25 से 27 फीसदी और गिरावट आ सकती है। इसमें अगले साल ही रिकवरी देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि अगर हालात ज्यादा खराब होते हैं तो बेंचमार्क सूचकांक 50 फीसदी से ज्यादा गिर सकते हैं। ग्रांथम पहले भी फेडरल रिजर्व की पॉलिसीज की आलोचना कर चुके हैं। इस बारे में वह आर्टिकल्स लिख चुके हैं।
रियल एस्टेट सेक्टर के लिए आ सकते हैं मुश्किल दिन
उन्होंने कहा कि मार्च में अचानक SVB के डूबने की खबर सिर्फ एक बैंक के डूबने का मामला है। इस साल ऐसी कई खबरें आ सकती हैं। एसवीबी के डूबने का असर इनवेस्टर्स सेंटिमेंट पर पड़ा है। उन्हें बैंकिंग क्राइसिस गहराने का डर है। यह माना जा रहा है कि बैंकिंग संकट बढ़ने से बैंकों में घबराहट बढ़ेगी। वे लोन देने में सख्ती बढ़ाएंगे, जिसका असर क्रेडिट की उपलब्धता पर पड़ेगा। यह कमर्शियल रियल एस्टेट और उन सेक्टर की कंपनियों के लिए खराब खबर है, जो कर्ज पर ज्यादा निर्भर हैं।
डॉटकॉम बुलबुला फूटने के बारे में पहले ही बता दिया था
ग्रांथम इनवेस्टमेंट फर्म GMO के को-फाउंडर हैं। वह मार्केट हिस्टोरियन भी हैं। उन्होंने 2001 में डॉटकॉम बुलबुला फटने के बारे में पहले ही बता दिया था। उन्होंने साल 2008 में स्टॉक मार्केट के गिरने के बारे में भी बता दिया था। उन्होंने स्टॉक मार्केट और इनवेस्टमेंट की दुनिया का व्यापक अनुभव है। इसलिए अमेरिकी इकोनॉमी को लेकर उनके बयान को गंभीरता से लिया जा रहा है।