Jewellery Stocks: गोल्ड ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में 12 मई को बड़ी गिरावट आई। गोल्ड इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने के डर से शेयर क्रैश कर गए। गोल्ड ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर पड़ा। एक दिन पहले उन्होंने लोगों को एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील की थी।
सबसे ज्यादा गिरावट कल्याण ज्वेलर्स के शेयरों में
लोगों के सोना खरीदने से सरकार को इंपोर्ट बढ़ाना पड़ता है, जिसके लिए विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है। क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल से पहले से ही विदेश मुद्रा भंडार पर दबाव है। 2:30 बजे Titan company का शेयर 2.93 फीसदी गिरकर 4,078 रुपये पर चल रहा था। Senco Gold का शेयर 4.64 फीसदी गिरकर 318 रुपये पर चल रहा था। Kalyan Jewlellers का शेयर 5.14 फीसदी फिसलकर 365 रुपये पर चल रहा था।
भारत में सोने की सालाना खपत 700-800 टन
भारत दुनिया में गोल्ड का सबसे ज्यादा इंपोर्ट करने वाले देशों में शामिल है। देश में गोल्ड की सालाना खपर 700-800 टन है। देश में गोल्ड का नाममात्र का उत्पादन होता है। ज्यादातर गोल्ड का इंपोर्ट करना पड़ता है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में देश में गोल्ड का इंपोर्ट 24 फीसदी बढ़कर 72 अरब डॉलर की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया।
अभी गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी 6 फीसदी
गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से इसकी कीमतें बढ़ जाएंगी। पहले से ही गोल्ड का भाव ज्यादा है। ऐसे में कीमतें बढ़ने का असर गोल्ड की डिमांड पर पड़ेगा। यह गोल्ड ज्वेलरी कंपनियों के लिए अच्छी खबर नहीं है। अभी गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी 6 फीसदी है। इसमें 5 फीसदी बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) है और 1 फीसदी एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस लगता है।
इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से इंपोर्ट वॉल्यूम 10-12 फीसदी गिर सकता है
सेंको गोल्ड के एमडी और सीईओ सुवंकर सेन ने कहा कि गोल्ड इंपोर्ट ड्यूटी अगर बढ़ती है तो इससे गोल्ड के इंपोर्ट वॉल्यूम में 10-12 फीसदी की गिरावट आ सकती है। 12 मई को शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। इस हफ्ते लगातार दूसरे दिन बाजार पर बड़ा दबाव दिखा। 2:45 बजे निफ्टी 1.47 फीसदी यानी 350 अंक गिरकर 23,460 पर चल रहा था। सेंसेक्स 1200 अंक यानी 1.57 फीसदी लुढ़कर 74,817 पर चल रहा था।