जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ने बुधवार 22 अप्रैल को बताया कि उसने एलियांज यूरोप (Allianz Europe) के साथ 50:50 हिस्सेदारी में एक ज्वाइंट वेंचर कंपनी खोलने के लिए समझौता किया है। इस साझेदारी के जरिए दोनों कंपनियां भारत के जनरल इंश्योरेंस बाजार में प्रवेश करेंगी। इस कदम से जियो फाइनेंशियस की फाइनेंशियल सर्विसेज के क्षेत्र में मौजूदगी और मजबूत होगी।
जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ने शेयर बाजारों को भेजी एक सूचना में बताया कि यह ज्वाइंट वेंचर जरूरी कानूनी और नियामकीय मंजूरियां मिलने के बाद अपना कारोबार शुरू करेगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि यह ट्रांजैक्शन किसी रिलेटेड पार्टी के साथ नहीं है।
जुलाई 2025 की घोषणा को मिली औपचारिक मंजूरी
हालांकि अभी का ऐलान सिर्फ जनरल इंश्योरेंस से जुड़ा है, लेकिन कंपनियों ने कहा कि वे लाइफ इंश्योरेंस बिजनेस के लिए एक अलग बाइंडिंग एग्रीमेंट पर भी काम कर रही हैं।
डिजिटल ताकत और ग्लोबल एक्सपर्टीज का मेल
संयुक्त बयान में कंपनियों ने कहा कि यह साझेदारी जियो फाइनेंशियल सर्विसेज की डिजिटल डिस्ट्रीब्यूशन और वितरण क्षमता को एलियांज यूरोप की ग्लोबल अंडरराइटिंग और रिस्क मैनेजमेंट विशेषज्ञता के साथ जोड़ने का प्रयास है। इसका उद्देश्य भारत के कम-प्रवेश वाले इंश्योरेंस बाजार में बड़े अवसरों का लाभ उठाना है।
कई तरह के बीमा प्रोडक्ट्स लॉन्च होंगे
यह नया ज्वाइंट वेंचर व्यक्तियों और कंपनियों के लिए अलग-अलग तरह के इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स पेश करेगा, जिनमें जनरल और हेल्थ इंश्योरेंस दोनों शामिल होंगे।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने इस मौके पर कहा कि यह पार्टनरशिप ग्रुप की जरूरी सेवाओं तक पहुंच को आम लोगों तक पहुंचाने की पुरानी सोच को दिखाती है। उन्होंने इंश्योरेंस को फाइनेंशियल सिक्योरिटी का आधार बताया और कहा कि यह वेंचर डिजिटल चैनलों के जरिए बड़े पैमाने पर सरल, आसानी से मिलने वाले और सस्ते सॉल्यूशन देने पर फोकस करेगा।
वहीं एलियांज SE के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर, ओलिवर बेट ने कहा कि यह साझेदारी एलियांज के ग्लोबल अनुभव के साथ-साथ जियो की डिस्ट्रीब्यूशन ताकत का फायदा उठाएगा, ताकि भारत के लिए एक “नया इंश्योरेंस मॉडल” बनाया जा सके, जो कस्टमर-सेंट्रिसिटी और इनक्लूसिव ग्रोथ पर फोकस करेगा।
पहले ही शुरू हो चुका है रीइंश्योरेंस बिजनेस
यह नया कदम दोनों कंपनियों की इंश्योरेंस सेक्टर में बड़ी योजनाओं को भी आगे बढ़ाता है। उनका री-इंश्योरेंस बिजनेस पहले ही शुरू हो चुका है, जो इस बात का संकेत है कि वे धीरे-धीरे पूरे इंश्योरेंस सेक्टर में प्रवेश कर रहे हैं और अब डायरेक्ट इश्योरेंस की ओर बढ़ रहे हैं।
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