Jio Share Price: लिस्टिंग के बाद लगातार दूसरे कारोबारी दिन आज जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर ऊपर चढ़े। एक कारोबारी दिन पहले मार्केट में शानदार एंट्री के बाद आज भी इसने आईपीओ निवेशकों की पूंजी बढ़ाई। बीएसई पर यह 5% से अधिक उछलकर ₹1490 पर पहुंच गया और इस हाई पर आईपीओ निवेशकों की पूंजी 33% से अधिक बढ़ी है। फिलहाल बीएसई पर यह 3.91% की बढ़त के साथ ₹1472.80 पर है। इंट्रा-डे में यह 5.13% उछलकर ₹1,490.00 तक पहुंच गया था।
₹99 हजार करोड़ से अधिक बढ़ गई Jio की वैल्यू
रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) की डिजिटल सर्विसेज कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर एक कारोबारी दिन पहले 28 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर ₹1,358 के भाव पर खुले थे। यह ₹1119 के इश्यू प्राइस के मुकाबले 21.36% प्रीमियम पर था। लिस्टिंग के दिन बीएसई पर यह ₹1,417.35 पर बंद हुआ था लेकिन इंट्रा-डे में ₹1,423.80 के हाई तक पहुंचा था तो एनएसई पर ₹1,417.50 पर बंद हुआ और इंट्रा-डे में यह ₹1,423.90 के हाई तक पहुंचा था। आज 29 अक्टूबर को कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर ₹13,49,859.74 करोड़ हो गया। लिस्टिंग के समय इसका मार्केट कैप ₹12,50,586.39 करोड़ था यानी कि कंपनी के मार्केट कैप में लगभग ₹99,273 करोड़ की बढ़ोतरी आई।
बोनांजा के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि निवेशकों की भारी मांग, मार्केट में सीमित शेयरों की उपलब्धता और कंपनी की बेहतर कमाई व कैश फ्लो की स्थिति के चलते जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग मजबूत रही उनका कहना है कि आईपीओ के बाद कंपनी के सिर्फ लगभग 2.9% शेयर ही ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हैं तो ऐसे में मजबूत मांग के मुकाबले सीमित शेयरों की उपलब्धता कीमत को सपोर्ट दे रही है।
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन से भी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। वित्त वर्ष 2026 में इसका EBITDA मार्जिन 50% रहा। वित्त वर्ष 2024 से वित्त वर्ष 2026 के बीच कंपनी के रेवेन्यू और EBITDA में लगभग 16% की सालाना बढ़ोतरी हुई तो इस दौरान मुनाफे में 18% की तेजी आई।
अभिनव तिवारी का मानना है कि जियो को सिर्फ शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग की बजाय लॉन्ग टर्म में ग्रोथ के मौके के तौर पर देखना चाहिए। कंपनी की वैल्यूएशन और आने वाले समय में कमाई की संभावनाएं आगे उछाल को सपोर्ट दे रही है। अभिनव का कहना है कि आईपीओ के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से कंपनी की वैल्यूएशन उसके वित्त वर्ष 2026 की कमाई का लगभग 33 गुना और वित्त वर्ष 2026 के एंटरप्राइज वैल्यू टू EBITDA का 14-15 गुना है और इस आधार पर इंडस्ट्री में इसका वैल्यूएशन कम है तो आगे और बढ़ोतरी की गुंजाइश दिख रही है।
अभिनव के मुताबिक ARPU (प्रति यूजर औसतन रेवेन्यू) में सुधार की संभावना, जियोएयरफाइबर (JioAirFiber) के विस्तार, 5G सर्विसेज से अधिक कमाई और कम कैपिटल एक्सपेंडिचर से इसे सपोर्ट मिल सकता है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में जियो का एआरपीयू ₹215.6 था, जो इसके सबसे करीबी प्रतिस्पर्धी के मुकाबले लगभग ₹48 कम है। इसके कुल ग्राहकों में से लगभग 21% ग्राहक कम कीमत वाले जियोभारत फीचर फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। अभिनव का कहना है कि टैरिफ में बढ़ोतरी, ग्राहकों का महंगे प्लान्स की तरफ जाने और सर्विस बंडलिंग से ARPU बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
जियो का कैपिटल एक्सपेंडिचर भी वित्त वर्ष 2024 में रेवेन्यू के लगभग 49% से घटकर वित्त वर्ष 2026 में 23% पर आ गया है। अभिनव का कहना है कि कम खर्च और ज्यादा रेवेन्यू से फ्री कैश फ्लो में सुधार हो सकता है।
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