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JM Financial के खिलाफ कड़े कदम उठाने के लिए RBI क्यों मजबूर हुआ?

SEBI ने जेएम फाइनेंशियल के बारे में RBI को कुछ जानकारियां भेजी थी। इसके आधार पर केंद्रीय बैंक ने एनबीएफसी के बुक्स पर गौर किया। इसमें उसे कई तरह की गड़बड़िया मिलीं। इनमें लोन मंजूरी प्रोसेस में नियमों के उल्लंघन से लेकर कार्पोरेट गवर्नेंस तक की अनदेखी शामिल हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 07, 2024 पर 11:23 AM
JM Financial के खिलाफ कड़े कदम उठाने के लिए RBI क्यों मजबूर हुआ?
आरबीआई ने 5 मार्च को अपने फैसले में कहा था कि एनबीएफसी के लोन प्रोसेस में कुछ गंभीर गड़बड़ियां मिली हैं।

RBI को JM Financial Products (JMFPL) के कामकाज में कई तरह की गड़बड़ियां मिली हैं। इनमें KYC नियमों का उल्लंघन, एंटी-मनी लाउंड्रिंग (AML) और ग्रुप कंपनियों में ग्राहकों के डेटा की शेयरिंग शामिल हैं। इसके बाद केंद्रीय बैंक ने इस एनबीएफसी के खिलाफ कदम उठाए हैं। इस मामले से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी। एक सूत्र ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि जांच में केंद्रीय बैंक को लोन मंजूर करने की प्रक्रिया में भी नियमों के उल्लंघन मिले हैं। RBI ने 5 मार्च को जेएमएफपीएल के खिलाफ कड़े कदम उठाए थे। कपनी को शेयरों और डिबेंचर में निवेश के लिए लोन देने से रोक दिया गया है। साथ ही वह बतौर कौलेटरल शेयर और डिबेंचर वह ग्राहकों को लोन नहीं देगी। केंद्रीय बैंक के ये फैसले तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं।

RBI को मिली कई तरह की गड़बड़ियां

इस बार में राय जानने के लिए जेएमएफपीएल को कुछ सवाल भेजे गए थे, जिनके जवाब नहीं मिले। आरबीआई ने 5 मार्च को अपने फैसले में कहा था कि एनबीएफसी के लोन प्रोसेस में कुछ गंभीर गड़बड़ियां मिली हैं। केंद्रीय बैंक ने गवर्नेंस से जुड़े मसलों पर भी चिंता जताई है। केंद्रीय बैंक ने कहा है, "आईपीओ फाइनेंसिंग और एनसीडी सब्सक्रिप्शंस के लिए लोन मंजूरी करने में गंभीर गड़बड़ियां देखने को मिली।"

SEBI ने कुछ जानकारियां आरबीआई को भेजी थी

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