JM Financial Stock Price: जेएम फाइनेंशियल के शेयर में 21 अक्टूबर को पहले अच्छी तेजी और बाद में भारी गिरावट दिखाई दी। शुरुआती कारोबार में शेयर बीएसई पर 6 प्रतिशत तक उछल गया और 52 वीक का नया हाई क्रिएट हुआ। लेकिन उसके बाद शेयर 7 प्रतिशत नीचे आया। बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शेयरों और डिबेंचर के बदले फाइनेंसिंग को लेकर जेएम फाइनेंशियल की सब्सिडियरी जेएम फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स लिमिटेड पर लगाए गए प्रतिबंध 7 महीने बाद हटा दिए हैं।
जेएम फाइनेंशियल ने शुक्रवार, 18 अक्टूबर को एक्सचेंज फाइलिंग में कहा था, "हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि RBI ने 18 अक्टूबर, 2024 के अपने लेटर के माध्यम से कंपनी जेएम फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स लिमिटेड पर 5 मार्च, 2024 के अपने आदेश के माध्यम से लगाए गए प्रतिबंध हटा दिए हैं।"आगे कहा कि इस कम्युनिकेशन के साथ, कंपनी को सभी लागू कानूनों और रेगुलेशंस के अनुपालन में शेयरों और डिबेंचर के बदले फाइनेंसिंग प्रदान करने की तत्काल प्रभाव से इजाजत दी गई है।
JM Financial शेयर ने 6 महीने में दिया 80% से ज्यादा रिटर्न
बीएसई पर 21 अक्टूबर को जेएम फाइनेंशियल का शेयर बढ़त के साथ 164.60 रुपये पर खुला। इसके बाद यह पिछले बंद भाव से 6 प्रतिशत उछला और 168.85 रुपये पर 52 सप्ताह का नया उच्च स्तर छुआ। इसके बाद यह पिछले बंद भाव से 10 प्रतिशत तक नीचे आया और 142.80 रुपये का लो देखा। ट्रेडिंग बंद होने पर शेयर 7 प्रतिशत की गिरावट के साथ 147.15 रुपये पर सेटल हुआ। शेयर ने 6 महीने में 80 प्रतिशत से ज्यादा रिटर्न दिया है।
RBI ने 5 मार्च को जेएम फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स लिमिटेड (JMFPL) को शेयरों और डिबेंचर के बदले लोन देने से रोक दिया था, जिसमें IPO के लिए लोन की मंजूरी और डिस्ट्रीब्यूशन भी शामिल है। जेएम फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स के खिलाफ एक्शन इसलिए लिया गया था क्योंकि कंपनी की लोन प्रोसेस में कुछ गंभीर कमियां मिली थीं। भारतीय रिजर्व बैंक ने इस बात पर भी रोशनी डाली थी कि कंपनी में गवर्नेंस के मसलों को लेकर गंभीर चिंताएं हैं, साथ ही रेगुलेटरी गाइडलाइंस का उल्लंघन भी पाया गया है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।