Banking Stocks: वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेपीमॉर्गन के एनालिस्ट्स ने एक बार फिर बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों पर अपना भरोसा दिखाया है। जेपीमॉर्गन ने आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे बैंकिंग शेयरों पर फिर दांव लगाया है। ब्रोकरेज का मानना है कि चुनावी नतीजे से पॉलिसी में कुछ खास बदलाव होने की उम्मीद नहीं है। इनके अलावा ब्रोकरेज ने बंधन बैंक और एलएंडटी फाइनेंस होल्डिंग्स जैसे माइक्रोफाइनेंस संस्थानों (MFI)) पर भी फोकस बढ़ाया है। जेपीमॉकर्गन ने अपने हालिया नोट में लिखा है कि अब कैपिटल एक्सपेंडिचर और परिवारों के बचत से निवेश के बदलते रुख के दो थीम के अलावा एक और थीम इंवर्टेड के रिकवरी जोड़ा गया है। इसका मतलब है कि शहरों के ऊपर गांव।
बैंकों के सामने रिस्क क्या हैं?
जेपीमॉर्गन के एनालिस्ट्स के मुताबिक फाइनेंस सेक्टर के लिए CASA (करंट एंड सेविंग्स अकाउंट्स) की सुस्त ग्रोथ सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। बैंकों को नेट इंटेरेस्ट मार्जिन के साथ ग्रोथ को बैलेंस करने की जरूरत पड़ेगी। सरकारी बैंकों की बात करें तो इन पर कृषि लोन को सपोर्ट करने का दबाव रहेगा लेकिन एनालिस्ट्स का मानना है कि नई सरकार के शुरुआती वर्षों में ऐसा होने के आसार नहीं हैं।
मिली-जुली रही मार्च तिमाही
बैंकों के लिए पिछले वित्त वर्ष 2023-24 की आखिरी तिमाही जनवरी-मार्च 2024 मिली-जुली रही। ऑपरेशनल प्रॉफिटेबिलिटी हेल्दी रही और एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ। हालांकि बैंकों के लिए मार्च तिमाही हर मोर्चे पर अच्छी नहीं रही और नेट इंटेरेस्ट मार्जिन (NIM) में गिरावट का रुझान जारी रहा। यील्ड्स या तो लगभग फ्लैट रहे या तिमाही आधार पर उनमें थोड़ी ही तेजी आई। बैंकिंग शेयरों की बात करें तो आज निफ्टी बैंक 1 फीसदी से अधिक मजबूत हुआ है और अधिकतर सरकारी और प्राइवेट बैंकों के शेयरों में अच्छी तेजी दिख रही है।
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