JPMorgan ने शुरू की इन तीन हाउसिंग फाइनेंस की कवरेज, लेकिन किसी को ओवरवेट तो एक की रेटिंग अंडरवेट

Housing Finance Stocks: जेपीमॉर्गन ने तीन हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों की कवरेज शुरू की है। हालांकि इन तीनों पर ब्रोकरेज फर्म का रुझान मिला-जुला है। चेक करें कि ये तीन स्टॉक कौन से हैं और इन पर ब्रोकरेज फर्म का रुझान मिला-जुला क्यों है

अपडेटेड Apr 13, 2026 पर 11:39 AM
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वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेपीमॉर्गन ने तीन हाउसिंग कंपनियों- एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस (LIC Housing Finance), पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस (PNB Housing Finance) और बजाज हाउसिंग फाइनेंस (Bajaj Housing Finance) की कवरेज शुरू की है।

Housing Finance Stocks:  वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेपीमॉर्गन ने तीन हाउसिंग कंपनियों- एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस (LIC Housing Finance), पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस (PNB Housing Finance) और बजाज हाउसिंग फाइनेंस (Bajaj Housing Finance) की कवरेज शुरू की है। इन तीनों पर ब्रोकरेज फर्म का रुझान अलग-अलग है। इसका असर आज इनके शेयरों पर भी दिख रहा है। हालांकि ईरान और अमेरिका के बीच की बाचतीत सफल नहीं होने के चलते दुनिया के अधिकतर स्टॉक मार्केट में बिकवाली का दबाव है। इस माहौल में जेपीमॉर्गन ने जिन तीनों स्टॉक्स की कवरेज शुरू की है, वह भी धड़ाम हो गए। फिलहाल बीएसई पर एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस के शेयर 1.94% की गिरावट के साथ ₹521, बजाज हाउसिंग फाइनेंस के शेयर 0.98% की फिसलन के साथ ₹85.10 और पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस के शेयर 1.03% की गिरावट के साथ ₹855.70 पर हैं।

LIC Housing Finance, PNB Housing Finance और Bajaj Housing Finance के क्या हैं टारगेट प्राइस?

जेपीमॉर्गन ने पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस के शेयरों को ओवररेट रेटिंग और ₹1000 के टारगेट प्राइस के साथ कवरेज शुरू की है तो बजाज हाउसिंग फाइनेंस की कवरेज ₹70 के टारगेट प्राइस और अंडरवेट रेटिंग के साथ शुरू की है। यह इसके शेयरों के लिए इश्यू प्राइस भी है। वहीं एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस पर जेपीमॉर्गन का रुझान न्यूट्रल है और टारगेट प्राइस ₹580 पर फिक्स किया है। ओवरऑल बात करें तो पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस को कवर करने वाले 12 एनालिस्ट्स ने खरीदारी और 2 ने होल्ड रेटिंग दी है जबकि सेल की सलाह किसी ने नहीं दी है। वहीं बजाज हाउसिंग फाइनेंस को 6 ने खरीदारी और 4 ने होल्ड और एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस को 14 ने खरीदारी और 13 ने होल्ड रेटिंग दी है तो दूसरी तरफ इन दोनों को ही कवर करने वाले 4-4 एनालिस्ट्स ने सेल रेटिंग दी है।


क्यों है अलग-अलग रुझान?

जेपी मॉर्गन ने अपने नोट में जिक्र किया है कि सिस्टम मॉर्गेज अगले तीन से पांच वर्षों में 8% से 10% की रफ्तार से बढ़ सकता है। पिछले तीन वर्षों में 11% की तुलना में यह इस साल की फरवरी 2026 में घटकर 9% रह गई है। जेपीमॉर्गन के मुताबि यह सुस्ती घरों की बिक्री में गिरावट के हिसाब से है, जो फरवरी 2026 में 6.4% गिर गई थी। जेपी मॉर्गन का कहना है कि पीएसयू बैंक जैसे मजबूत देनदारी फ्रेंचाइजी या कुछ खास हाउसिंग फाइनेंस जैसे डिस्ट्रीब्यूशन वाले लेंडर्स का बाजार में दबदबा बढ़ रहा है और यह सिलसिला जारी रह सकता है।

पीएसयू बैंकों के प्राइम सेगमेंट में कॉम्पटीशन काफी बढ़ गया है और इससे संकेत मिल रहा कि प्रॉफिटेबिलिटी अपने चरम पर पहुंच चुकी है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक इससे हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों को हाई यील्ड वाले सेगमेंट्स में ग्रोथ की संभावनाओं की तलाश करनी पड़ रही है। ऐसे में जेपीमॉर्गन ने उन हाउसिंग फाइनेंस पर दांव लगाया है, जिनकी अंडरराइटिंग मजबूत है, कॉस्ट डिस्ट्रीब्यूशन कम है और मार्केट में दबदबा बढ़ा सकते हैं।

ब्रोकरेज के मुताबिक बजाज हाउसिंग फाइनेंस इस मामले में सबसे आगे है। हालांकि समान प्रॉफिटेबिलिटी वाली वाली अन्य कंपनियों की तुलना में इसका 233% प्राइस-टू-बुक और 225% प्राइस-टू-अर्निंग प्रीमियम स्थिर नहीं दिख रहा है। ब्रोकरेज ने आगे कहा कि पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस अपनी वापसी के शुरुआती वर्षों में है और इसमें मौजूदा वैल्यू पर ग्रोथ का शानदार मौका दिख रहा है। हालांकि दूसरी तरफ जेपी मॉर्गन का कहना है कि एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस का बाजार में दबदबा आगे भी कमजोर हो सकता है और इसमें तत्काल कोई कैटेलिस्ट नहीं दिख रहा है। हालांकि कम वैल्यूएशन के चलते शेयरों में गिरावट की संभावना सीमित है।

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