KEC International Share Price: केईसी इंटरनेशनल के शेयरों में सोमवार 29 जून को स्टॉक मार्केट खुलने पर तेज हलचल दिख सकती है। इसकी वजह ये है कि कंपनी को पावरग्रिड (Power Grid) से बड़ी राहत मिली है। पावरग्रिड ने इस पर लगाया गया प्रतिबंध वापस ले लिया है। इसके बाद कंपनी अब तत्काल प्रभाव से पावरग्रिड के टेंडर्स और कॉन्ट्रैक्ट्स में बिडर या सह-कॉन्ट्रैक्टर के तौर पर हिस्सा ले सकेगी। अब इसके चलते केईसी इंटरनेशनल के शेयरों में तेज उठा-पटक हो सकती है। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले 25 जून को बीएसई पर यह 0.71% की गिरावट के साथ ₹528.05 के भाव पर बंद हुआ था।
पावरग्रिड के फैसले का केईसी इंटरनेशनल के शेयरों पर पॉजिटिव दिख सकता है क्योंकि इससे कंपनी के ऑर्डरबुक को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। जब पावरग्रिड ने अपने टेंडर को लेकर केईसी इंटरनेशनल के लिए नौ महीने तक 'नो एंट्री' का बोर्ड लगाया था तो 19 नवंबर 2025 को इसके शेयर 10% से अधिक टूट गए थे।
KEC International को कैसे मिली राहत?
पावरग्रिड ने अपने टेंडर्स में हिस्सा लेने को लेकर केईसी इंटरनेशनल पर 18 नवंबर 2025 से नौ महीने तक बैन लगा दिया था। अब कंपनी ने 26 जून की रात एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी कि कंपनी की दलीलों और आदेश लागू होने के बाद किए गए सुधारात्मक कदमों पर विचार करने के बाद यह पाबंदी हटा ली गई है। देश के T&D (ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन) सेक्टर में उभरते मौकों को देखते हुए कह सकते हैं कि कंपनी को यह राहत अच्छे समय पर मिल गई।
पावरग्रिड का बैन हटने से केईसी के ग्रोथ की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। पिछले महीने सीएनबीसी-टीवी18 से कंपनी के सीएमडी विमल केजरीवाल ने कहा था कि कंपनी को FY27 में 10-15% रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद है। इसे लगभग ₹37,000 करोड़ के मजबूत ऑर्डर बुक और T&D, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर और रिन्यूएबल्स सेक्टर में टेंडर की मजबूत पाइपलाइन से सपोर्ट मिलेगा। उन्होंने जियो-पॉलिटिकल अनिश्चितताओं के बावजूद पश्चिमी एशिया में ₹25,000-30,000 करोड़ के एक्टिव अपॉर्च्यूनिटी पाइपलाइन का भी जिक्र किया था।
कैसी है केईसी इंटरनेशनल की सेहत?
पिछले वित्त वर्ष 2026 की आखिरी तिमाही जनवरी-मार्च 2026 केईसी इंटरनेशनल काफी चुनौतीपूर्ण रही। मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 28% घटकर ₹193 करोड़ और रेवेन्यू 7% फिसलकर ₹6,390 करोड़ रह गया। इस दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी 16.7% घटकर ₹448.4 करोड़ रह गया तो काम पूरा करने में दिक्कतों और बढ़ी हुई लागत के चलते ऑपरेटिंग मार्जिन भी कम होकर 7% रह गया।
अब एक साल में इसके शेयरों के चाल की बात करें तो केईसी इंटरनेशनल ने निवेशकों को तगड़ा झटका दिया है। पिछले साल 26 जून 2025 को बीएसई पर यह ₹947.30 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 11 महीने में यह 50.80% फिसलकर पिछले महीने 19 मई 2026 को ₹466.10 के भाव तक आ गया था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।
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