अमेरिका यूरोप के मुकाबले भारत में महंगाई ज्यादा नहीं बढ़ी। महंगाई बढ़ने के बावजूद नए घर खरीदारों में कमी नहीं आएगी। घरों मांग आगे भी बेहतर रहेगी। ऐसा CNBC-आवाज़ की 18वीं सालगिरह के मौके पर HDFC के VC & CEO केकी मिस्त्री ने कहा। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्तर से दरें बढ़ने की संभावना है। उनका कहना है कि 0.35% तक दरें बढ़ेंगी। लेकिन इसका होम लोन की डिमांड पर असर नहीं पड़ेगा। महंगाई के मोर्चे पर उन्होंने कहा कि भारत में महंगाई की स्थिति चिंताजनक नहीं है। यहां पर महंगाई काफी हद तक कंट्रोल में है। पूरी दुनिया में सेंट्रल बैंकों ने दरें बढ़ाई हैं। लेकिन देखा जाये तो दुनिया के मुकाबले भारत में दरें कम बढ़ी हैं।
दुनिया के मुकाबले भारत में कम बढ़ीं दरें
HDFC के VC & CEO केकी मिस्त्री ने सीएनबीसी-आवाज़ से बातचीत में आगे कहा कि अमेरिकी और यूरोप में महंगाई की स्थिति ज्यादा खराब है। लेकिन इसके मुकाबले भारत में महंगाई की स्थिति खराब नहीं है। वैसे भी अभी तक आंकड़ों के मुताबिक दुनिया के मुकाबले भारत में दरें कम बढ़ी हैं। वहीं कोविड के दौरान ब्याज दरें काफी कम हुईं।
अमेरिका में दो बार बढ़ सकती हैं दरें
केकी मिस्त्री ने आगे कहा कि दरें बढ़ने के बावजूद घरों की मांग मजबूत रहेगी। दरें बढ़ने का असर घरों की डिमांड पर होने की आशंका नहीं है। भारत में 0.35% तक और दरें बढ़ने की आशंका है। जबकि अमेरिका में ज्यादा बार दरें बढ़ सकती हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका में और 2 बार दरें बढ़ने की उम्मीद है।
दरें बढ़ने का मांग पर शॉर्ट टर्म असर
मिस्त्री ने कहा कि दरें बढ़ने का बाजार पर असर होता है लेकिन दरें बढ़ने का मांग पर शॉर्ट टर्म असर ही दिखाई देगा। इस समय नौकरियों में स्थिरता दिखाई दे रही ही है। हमारा मानना है कि नौकरी में स्थिरता रहने से होम लोन मांग जारी रहेगी। इसके आगे यदि 1 या 2 बार ब्याज दरें बढ़ीं तो भी मांग पर ज्यादा असर नहीं होगा। उन्होंने थोड़ा और स्पष्ट करते हुए कहा कि होम लोन पर इसका ज्यादा असर इसलिए नहीं होता है क्योंकि होम लोन दरें लंबी अवधि के लिए होती हैं।
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