Kizi Apparels IPO Listings: किजी अपैरल्स के शेयरों ने मंगलवार 6 अगस्त को स्टॉक मार्केट में अच्छी शुरुआत की। कंपनी के शेयर 10.24 फीसदी के प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए। यानी इसके IPO में पैसा लगाने वाले निवेशकों को पहले दिन करीब 10.24 फीसदी का मुनाफा हुआ है। किजी अपरैल्स के शेयर मंगलवार को BSE SME प्लेटफॉर्म पर 23.15 रुपये के भाव पर लिस्ट हुए, जबकि इसका इश्यू प्राइस 21 रुपये था। कंपनी का IPO पिछले हफ्ते 30 जुलाई से 1 अगस्त के बीच बोली के लिए खुला था। कंपनी ने अपने शेयरों का 21 रुपये फिक्स भाव रखा था। IPO के तहत कुल 26.58 लाख शेयरों को बोली के लिए रखा गया, जो कि पूरी तरह से फ्रेश शेयरों का इश्यू था।
किजी अपैरल्स ने इस IPO से करीब 5.58 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं। कंपनी ने बताया कि वह IPO के जरिए जुटाए पैसों का इस्तेमाल अनसिक्योर्ड लोन को चुकाने, लंबी-अवधि की वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने और दूसरे समान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।
किजी अपैरल्स के शेयरों का अलॉटमेंट बीते 2 अगस्त को हुआ था। जिसके बाद आज 6 अगस्त को BSE SME प्लेटफॉर्म पर इसके शेयर लिस्ट हुए। IPO के लिए न्यूनतम लॉट साइज 6000 शेयर का था। इस तरह एक लॉट के लिए निवेशकों को मिनिमम 1.26 लाख रुपये निवेश करना था
कंपनी के IPO को निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी और यह करीब 115.60 गुना अधिक बोली के साथ बंद हुआ था। कंपनी को सबसे अधिक बोली रिटेल निवेशकों के कैटेगरी में मिली, जिन्होंने अपने लिए आरक्षित शेयरों को करीब 139.62 गुना अधिक सब्सक्राइब किया। वहीं 'अन्य' कैटेगरी में कंपनी को 89.58 गुना अधिक सब्सक्रिप्शन मिला।
यह कंपनी अपरैल्स के कारोबार में है। कंपनी अपने खुद के शोरूम, डिस्ट्रीब्यूटर्स, मॉल और और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए रेडी-टू-वियर कपड़ों के उत्पादन और व्यापार में शामिल है। कंपनी ने प्रीमियम एथनिक और महिलाओं के वेस्टर्न कपड़ों के लिए क्रमश: ANUTARRA और KIZI ब्रांड नाम से ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया है।
कंपनी अपने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए पूरे भारत में अपनी सेवाएं देती है। कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में कुर्ती सेट, कुर्ती, चूड़ीदार, को-ऑर्ड सेट, सेमी फॉर्मल ब्लेजर, शर्ट, ब्लाउज, टॉप/ट्यूनिक्स, ड्रेस, पलाजो, स्कर्ट और दुपट्टा आदि शामिल हैं। कंपनी का वित्त वर्ष 2024 में शुद्ध मुनाफा 31.36 फीसदी बढ़कर 72.21 लाख रुपये रहा, जो इसके पिछले वित्त में 54.97 लाख रुपये था। वहीं इसका रेवेन्यू इस दौरान करीब 30 फीसदी बढ़कर 20.27 करोड़ रुपये रहा, जो इसके पिछले वित्त वर्ष में 15.49 करोड़ रुपये था।