Knack Packaging IPO Listing: इंटीग्रेटेड पैकेजिंग सॉल्यूशंस मुहैया कराने वाली नैक पैकेजिंग के शेयरों की आज बिकवाली के माहौल में भी घरेलू मार्केट में प्रीमियम एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 87 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹170 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹186.00 और NSE पर ₹188.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 10% से अधिक तक का लिस्टिंग गेन (Knack Packaging Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में हल्की फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर BSE पर यह ₹185.00 (Knack Packaging Share Price) पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 8.82% मुनाफे में हैं।
Knack Packaging IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
नैक पैकेजिंग का ₹439 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 1-3 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 87.17 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 160.22 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 146.64 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 21.09 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 9.84 गुना भरा था।
इस आईपीओ के तहत ₹380 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 35 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹320.00 करोड़ नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगाने के कुछ खर्चों को भरने और बाकी पैसे इश्यू से जुड़े खर्चों और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
Knack Packaging के बारे में
नैक पैकेजिंग इंटीग्रेटेड पैकेजिंग सॉल्यूशंस मुहैया कराती है। इसका फोकस इनोवेशन, एक्सोर्ट्स और सस्टेनिबिलिटी पर है। कंपनी पिंच बॉटम, गुसेट, ब्लैक बॉटम और रिटेल शॉपिंग बैग जैसे PLWPP (प्रिंटेड एंड लेमिनेटेड वुवन पॉलीप्रॉपिलीन) बैग बनाती है। इनका इस्तेमाल फूड, पालतू जानवरों के खाने, खेती, खाद, बिल्डिंग मैटेरियल्स, डिटर्जेंट्स, सीमेंट, केमिकल्स, मिनरल्स जैसी इंडस्ट्रीज में होता है। वित्त वर्ष 2025 में इंडियन फ्लेक्सिबल बल्क पीएलडब्ल्यूपीपी बैग मार्केट में कंपनी की करीब 10.1% हिस्सेदारी थी। इसके प्रोडक्ट्स का निर्यात भी होता है और इसके कुल निर्यात में अमेरिका, मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका की 35.19% हिस्सेदारी है। कंपनी इन-हाउस प्रिंटिंग फैसिलिटी ऑपरेट करती है जो एंड-टू-एंड डिजाइन और सिलिंडर डेवलपमेंट सर्विसेज ऑफर करती है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-26 के बीच सालाना 116% से अधिक की रफ्तार से बढ़कर ₹92.72 करोड़ और टोटल इनकम भी सालाना 27% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹843.77 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹192.47 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹208.19 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।