KRBL, LT Foods और Kohinoor में जबरदस्त उछाल, राइस एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों के शेयर क्यों बने रॉकेट?

Minimum Export Price on Basmati: कम ऑर्डर के कारण हाल के दिनों में बासमती राइस के कई वेरिएंट्स की अंतरराष्ट्रीय कीमत में 15-25 फीसदी की गिरावट आई है। वित्त वर्ष 2024 में बासमती चावल का निर्यात 10 फीसदी घटकर 4.10 मिलियन टन रह गया

अपडेटेड Sep 16, 2024 पर 4:04 PM
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LT फूड, कोहिनूर फूड और KRBL के शेयरों में आज 16 सितंबर को शानदार तेजी देखी गई।

राइस एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों के शेयरों जैसे LT फूड्स, कोहिनूर फूड (Kohinoor Food) और KRBL के शेयरों में आज 16 सितंबर को शानदार तेजी देखी गई। LT फूड के शेयरों में आज 7 फीसदी की तेजी आई है और यह स्टॉक 435.85 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। दूसरी ओर, कोहिनूर फूड के शेयरों में आज 20 फीसदी का अपर सर्किट लगा है और यह 46.82 रुपये के भाव पर पहुंच गया है। इसके अलावा, KRBL के शेयरों में 5.82 फीसदी की तेजी आई है और यह 321.85 रुपये के भाव पर बंद हुआ है।

केंद्र सरकार ने बासमती राइस पर हटाया MEP

दरअसल, केंद्र सरकार ने बासमती राइस पर मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइस (MEP) हटाने का फैसला किया है। इस खबर का असर आज राइस एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों के शेयरों में दिखा है। इससे पहले, बासमती राइस को केवल एक निश्चित कीमत या MEP से ऊपर ही निर्यात किया जा सकता था, जिसे 2024 में 1200 रुपये प्रति टन से घटाकर 950 डॉलर प्रति टन कर दिया गया था।


कम ऑर्डर के कारण हाल के दिनों में बासमती राइस के कई वेरिएंट्स की अंतरराष्ट्रीय कीमत में 15-25 फीसदी की गिरावट आई है। वित्त वर्ष 2024 में बासमती चावल का निर्यात 10 फीसदी घटकर 4.10 मिलियन टन रह गया। एक्सपर्ट्स का कहना है कि हालिया निर्णय राइस एक्सपोर्टिंग कंपनियों को कीमतों को स्टेबल करने में मदद कर सकता है।

भारत चावल का दुनिया में सबसे बड़ा निर्यातक

भारत चावल का दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक है और बासमती निर्यात के लिए 85 फीसदी मार्केट पर इसका कब्जा है। वित्त वर्ष 2024 के दौरान इस सेगमेंट ने वॉल्यूम में 15 फीसदी की ग्रोथ दिखाई। KRBL ने निवेशकों को बताया था कि भारत के बासमती निर्यात में अमेरिका और मध्य पूर्व से मजबूत मांग देखी जा रही है, जिसमें गल्फ रीजन का कुल बासमती निर्यात का लगभग 3/4 हिस्सा है।

निर्यात शुल्क हटाने से निर्यात को मिलेगा बढ़ावा

जून तिमाही में निर्यात बिक्री में कमी के कारण KRBL के कुल रेवेन्यू में 15% की गिरावट आई थी। निर्यात शुल्क हटाने से निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे हायर इनपुट कॉस्ट की भरपाई होने की उम्मीद है। KRBL ने जून की अर्निंग कॉल के दौरान कहा था कि बासमती के लिए इनपुट कॉस्ट में पिछले साल की तुलना में 9 फीसदी की वृद्धि हुई है, जबकि निर्यात में गिरावट आई है।

निर्यात प्रतिबंधों के कारण भारत के राइस एक्सपोर्ट की वॉल्यूम वित्त वर्ष 2024 में 27% घटकर 16.4 मिलियन टन रह गई। मूल्य के लिहाज में भारत ने वित्त वर्ष 2024 में 10.4 अरब डॉलर मूल्य का चावल निर्यात किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7 फीसदी कम है। हालांकि, ग्लोबल डिमांड मजबूत बनी हुई है।

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