'निवेश अब खेल नहीं...', कुमार मंगलम बिड़ला ने AI और दुनिया के हालात देखकर क्यों कहा- 'या तो बढ़ो वरना खत्म हो जाओ'

Kumar Mangalam Birla: अरबपति उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि दुनिया में जारी युद्ध और टैरिफ वॉर के चलते अब निवेश के फैसले बेहद मुश्किल हो गए हैं। जानिए आखिर उन्होंने AI को लेकर ऐसा क्या कह दिया जिसकी खूब हो रही चर्चा

अपडेटेड Oct 14, 2026 पर 10:19 AM
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कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि, 'आप या तो आगे बढ़ते हैं या फिर नीचे गिरते हैं। आप कभी भी एक स्थिर स्थिति में नहीं रह सकते'

Kumar Mangalam Birla: आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन और अरबपति उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच बिजनेस और निवेश रणनीतियों पर बड़ा बयान दिया है। नई दिल्ली में आयोजित 'ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम' में बोलते हुए उन्होंने कहा कि कई तरह के वैश्विक संकटों ने धातु से लेकर रिटेल तक फैले उनके विशाल कारोबारी साम्राज्य के लिए निवेश के फैसलों को पहले से कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

'आप या तो आगे बढ़ते हैं या फिर नीचे गिरते हैं'

कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि, 'आप या तो आगे बढ़ते हैं या फिर नीचे गिरते हैं। आप कभी भी एक स्थिर स्थिति में नहीं रह सकते। हम लगातार अपने मौजूदा और नए व्यवसायों में निवेश कर रहे हैं, क्योंकि आप अपनी ग्रोथ को नहीं रोक सकते'।


वैश्विक संकट और बिजनेस पर हो रहे असर पर उन्होंने कहा कि, 'क्योंकि हम एक वैश्विक संगठन हैं, इसलिए जब भी मैं समाचार पत्रों में किसी प्रमुख वैश्विक घटना के बारे में पढ़ता हूं, तो मुझे यह पूरा यकीन होता है कि इसका असर हमारे कारोबार पर कहीं न कहीं जरूर पड़ेगा।'

उन्होंने कहा कि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने एक नई चुनौती पैदा कर दी है। अब एक ही समूह के तहत अलग-अलग व्यवसायों के लिए तकनीक अपनाने की कोई एक समान रणनीति नहीं हो सकती। उन्होंने बताया कि, हम AI तकनीक में निवेश को उस गति की तुलना में थोड़ा अधिक धीरे-धीरे करेंगे, जो हमने एक साल पहले सोची थी। मुझे नहीं लगता कि हमें सिर्फ FOMO यानी पीछे छुटने के डर में आकर जल्दबाजी में कोई कदम उठाने की जरूरत है।

क्यों मुश्किल हो रहे हैं निवेश के फैसले?

कुमार मंगलम बिड़ला ने बताया कि इस समय वैश्विक कंपनियों को बेहद अस्थिर माहौल का सामना करना पड़ रहा है। इसके पीछे ये 3 सबसे बड़े कारण हैं:

टैरिफ और व्यापार नीतियां: अमेरिका की अनिश्चित टैरिफ और ट्रेड नीतियां।

भू-राजनीतिक तनाव: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और तनाव।

डिमांड में उतार-चढ़ाव: दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं और विभिन्न सेक्टर्स में मांग का अनिश्चित होना।

बिड़ला ग्रुप का 72 अरब डॉलर का है ग्लोबल साम्राज्य

मुंबई मुख्यालय वाले इस समूह का कारोबार दुनिया के 41 देशों में फैला हुआ है। मार्च को समाप्त वित्त वर्ष में समूह का कुल राजस्व $72 बिलियन यानी करीब ₹6 लाख करोड़ रहा। जून तक के आंकड़ों के अनुसार, ग्रुप की कुल बिक्री का 42% हिस्सा भारत के बाहर अंतरराष्ट्रीय बाजारों से आता है। इनकी प्रमुख कंपनियां- हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, अल्ट्राटेक सीमेंट, आदित्य बिड़ला कैपिटल और आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल है।

इन नए सेक्टर्स में ली है एंट्री

  • बिरला ओपस के जरिए पेंट्स सेक्टर में प्रवेश।
  • बिरला पिवट के माध्यम से बिल्डिंग मटेरियल्स बी2बी मार्केटप्लेस।
  • इंद्रिया के तहत रिटेल ज्वेलरी बिजनेस।
  • शेल के रिन्यूएबल एनर्जी एसेट्स का $1.8 बिलियन में अधिग्रहण और अल्ट्रावोल्ट ब्रांड के तहत इलेक्ट्रिक केबल्स का लॉन्च।

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