Kwality Wall's Shares: 26% डिस्काउंट पर शेयर लिस्ट, HUL से अलग शुरू हुई आइसक्रीम बिजनेस की ट्रेडिंग

Kwality Wall's Shares: हिंदुस्तान यूनीलीवर और इसके आइसक्रीम बिजनेस क्वालिटी वाल्स के शेयरों की आज से अलग-अलग ट्रेडिंग शुरू हो गई। क्वालिटी वाल्स के शेयर करीब 26% डिस्काउंट पर लिस्ट हुए हैं। जानिए कि एचयूएल के बिजनेस में क्वालिटी वाल्स की कितनी हिस्सेदारी थी और शेयरहोल्डर को किस रेश्यो में अलग होकर बनी कंपनी के शेयर मिले हैं?

अपडेटेड Feb 16, 2026 पर 11:00 AM
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HUL-Kwality Wall's demerger: आइसक्रीम बिजनेस क्वालिटी वाल को अलग-अलग करने यानी डिमर्जर करने को एचयूएल की नवंबर 2024 में मंजूरी मिली थी

Kwality Wall's Shares: हिंदुस्तान यूनीलीवर लिमिटेड (HUL) से अलग होकर क्वालिटी वाल्स के शेयरों की आज घरेलू स्टॉक मार्केट में एंट्री हो गई। इसके शेयरों का सफर आज एनएसई पर ₹29.80 के भाव पर शुरू हुआ है जोकि कि ₹40.20 के इंडिकेटिव प्राइस के मुकाबले 25.87% डिस्काउंट पर है। क्वालिटी वाल के शेयरों की आज ₹7,001.78 करोड़ के मार्केट कैप के साथ एंट्री हुई। वहीं दूसरी तरफ एचयूएल के शेयर फिलहाल रेड जोन में हैं। एनएसई पर यह 0.20% की गिरावट के साथ ₹2,300.00 (HUL Share Price) पर है। एचयूएल के शेयर डीमर्जर से पिछले साल दिसंबर में ही एडजस्ट हो गए थे और यह 5 दिसंबर को ₹2,422 के भाव पर खुला था जोकि पिछले क्लोजिंग प्राइस ₹2,462.20 से करीब 2% (₹40.2) डिस्काउंट पर था।

HUL-Kwality Wall's demerger: नवंबर 2024 में मिली थी मंजूरी

आइसक्रीम बिजनेस क्वालिटी वाल को अलग करने यानी डिमर्जर करने को एचयूएल की नवंबर 2024 में मंजूरी मिली थी। क्वालिटी वाल्स (Kwality Wall's), कॉर्नेटो (Cornetto) और मैग्नम (Magnum) जैसे मशहूर ब्रांड की मालकिन क्वालिटी वाल्स को अलग करने के लिए NCLT (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल) ने अक्टूबर 2025 में हरी झंडी दिखाई थी। एचयूएल के कुल सालाना टर्नओवर में इसके आइसक्रीम बिजनेस की हिस्सेदारी करीब 3% है और रेवेन्यू में करीब ₹1800 करोड़ की हिस्सेदारी है।


किस रेश्यो में मिले हैं एचयूएल के शेयरहोल्डर्स को क्वालिटी वाल्स के शेयर?

एचयूएल के डिमर्जर के लिए शेयर एनटाइटलमेंट रेश्यो 1:1 फिक्स किया गया था यानी कि एचयूएल के शेयरहोल्डर्स को एक शेयर पर एक शेयर क्वालिटी वाल्स का मिला है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 5 दिसंबर फिक्स की गई थी और अलॉटमेंट 29 दिसंबर को हुआ था।

एचूएएल की कैसी है कारोबारी सेहत

दिसंबर 2025 तिमाही में एचयूएल का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 136% उछलकर ₹7,075 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इसमें से ₹4516 करोड़ का एक्सपेश्नल गेन है जो इसके आइसक्रीम बिजनेस को अलग करने यानी डीमर्जर के चलते हुआ था। एक्सपेश्नल आइटम्स को हटा दिया जाए तो कंपनी का मुनाफा बढ़ने की बजाय घटा है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को ₹3000 करोड़ से अधिक शुद्ध मुनाफा हासिल हुआ था। दिसंबर 2025 तिमाही में को नए लेबर कोड के चलते ₹113 करोड़ का वन-टाइम एक्सपेशनल कॉस्ट भी वहन करना पड़ा।

कंसालिडेटेड लेवल पर कंपनी का सेल्स 5% तो व़ॉल्यूम 4% की रफ्तार से बढ़ा। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू सालाना आधार पर 4% बढ़कर ₹15,805 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग लेवल पर बात करें तो इसका ऑपरेटिंग प्रॉफिट 2% बढ़कर ₹3,640 करोड़ तो ऑपरेटिंग मार्जिन 50 बेसिस प्वाइंट्स फिसलकर 23.3% पर आ गया।  नतीजे के साथ-साथ एचयूएल के बोर्ड ने ₹824 करोड़ में Zywie में बची हुई 49% हिस्सेदारी खरीदने को मंजूरी दी है। इसके अलावा बोर्ड ने न्यूट्रिशनलैब में अपनी पूरी 19.8% बेचने को भी मंजूरी दे दी है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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