L&T Stock Crashes: एलएंडटी का शेयर क्रैश, 5 हफ्ते के निचले स्तर पर आया स्टॉक

L&T का शेयर 4 मार्च को एक समय 7 फीसदी से ज्यादा गिर गया था। बाद में गिरावट थोड़ी कम हुई। करीब 11 बजे यह शेयर 6.17 फीसदी की गिरावट के साथ 3,815 रुपये पर चल रहा था। यह निफ्टी के सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल था

अपडेटेड Mar 04, 2026 पर 11:36 AM
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4 मार्च को शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ खुले। इसकी वजह अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई है।

शेयर बाजार में आई गिरावट का बड़ा असर एलएंडटी के शेयरों पर दिखा। यह शेयर 4 मार्च को 7 फीसदी से ज्यादा गिरकर 5 हफ्ते के सबसे निचले स्तर पर आ गया। बीते चार सेशंस में यह शेयर 12 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है। 4 मार्च को शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ खुले। इसकी वजह अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई है। 28 फरवरी को शुरू हुई यह लड़ाई पांचवें दिन में प्रवेश कर गई है। अब तक दोनों पक्षों में से कोई पीछे हटने को तैयार नहीं है।

बीते चार सत्रों में 12 फीसदी गिरा है शेयर

L&T का शेयर 4 मार्च को एक समय 7 फीसदी से ज्यादा गिर गया था। बाद में गिरावट थोड़ी कम हुई। करीब 11 बजे यह शेयर 6.17 फीसदी की गिरावट के साथ 3,815 रुपये पर चल रहा था। यह निफ्टी के सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल था। Nifty 448 प्वाइंट्स यानी 1.81 फीसदी गिरकर 24,418 प्वाइंट्स पर चल रहा था। Sensex 1,386 प्वाइंट्स यानी 1.73 फीसदी लुढ़कर 78.859 पर चल रहा था।


मध्यपूर्व की कंपनी के रेवेन्यू में बड़ी हिस्सेदारी

एलएंडटी की ऑर्डरबुक स्ट्रॉन्ग है। दिसंबर में खत्म 9 महीनों में कंपनी के इंटरनेशनल ऑर्डर्स 1,91,084 करोड़ रुपये के था। यह कंपनी के कुल ऑर्डर फ्लो का 55 फीसदी है। एलएंडटी ने जनवरी 2026 में यह जानकारी दी थी। दिसंबर तिमाही में कंपनी का इंटरनेशनल रेवेन्यू 38,775 करोड़ रुपये था। यह कुल रेवेन्यू का 54 फीसदी था।

मिडिलईस्ट में लड़ाई का असर प्रोजेक्ट्स पर पड़ेगा

कंपनी ने दिसंबर तिमाही के नतीजे पेश करने के दौरान बताया था, "कंपनी के प्रोजेक्ट बिजनेस के लिए जीसीसी बड़ा क्षेत्र रहा है। इस क्षेत में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर्स में बड़ा निवेश हो रहा है। सऊदी अरब और यूएई में बड़े स्तर के अर्बन प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं। इससे इस रीजन में ग्रोथ स्ट्रॉन्ग रहने की उम्मीद है।" दिसंबर तिमाही में टैक्स बाद कंपनी का प्रॉफिट 4.2 फीसदी गिरकर 3,215 करोड़ रुपये था। नए लेबर कोड्स लागू होने के बाद कंपनी को वन-टाइम प्रोविजन करना पड़ा, जिससे प्रॉफिट में गिरावट आई।

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बीते एक साल में 18 फीसदी चढ़ा है यह स्टॉक

बीते एक साल में एलएंडटी का शेयर 18.70 फीसदी चढ़ा है। यह देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी है। ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल ने कहा है कि मध्यपूर्व में लड़ाई की वजह से एलएंडटी के प्रोजेक्ट्स एग्जिक्यूशन में बाधा आ सकती है। इसके अलावा यूएई के रियल एस्टेट मार्केट में सुस्ती आने के आसार हैं। इससे बाजार में प्रतियोगिता बढ़ेगी। मिडिल ईस्ट से कंपनी के ऑर्डर फ्लो में स्ट्रॉन्ग ग्रोथ दिखी है।

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