इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (L&T) के शेयरों में 23 जनवरी को 1.6 प्रतिशत तक की गिरावट दिखी और बीएसई पर कीमत 3460.05 रुपये तक लुढ़क गई। वहीं सरकारी कंपनी मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड के शेयर में 6 प्रतिशत तक की तेजी आई और यह 2423.40 रुपये पर पहुंच गया। खबर आई है कि भारत के 70,000 करोड़ रुपये के P75(I) सबमरीन प्रोजेक्ट के लिए L&T की बोली को अयोग्य घोषित कर दिया गया है। इसके चलते अब मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ही एकमात्र पात्र दावेदार रह गई है।
L&T स्वदेशी क्षमताओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मल्टी बिलियन डॉलर के डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग प्रोग्राम में हिस्सेदारी के लिए होड़ कर रही है। P75(I) सबमरीन प्रोजेक्ट के लिए L&T के डिसक्वालिफाई होने का असर इसके शेयर पर गिरावट के तौर पर दिखाई दिया। हालांकि एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया कि अभी तक कोई आखिरी फैसला नहीं किया गया है।
कारोबार बंद होने पर मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स शेयर 1 प्रतिशत बढ़त के साथ 2318.20 रुपये पर सेटल हुआ। वहीं L&T का शेयर 0.37 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 3503.70 रुपये पर बंद हुआ।
दो ग्रुप्स की ओर से मिली थीं बोलियां
सरकारी सूत्रों का हवाला देते हुए CNBC TV18 की रिपोर्ट में कहा गया है कि P75(I) सबमरीन प्रोजेक्ट के लिए दो समूहों की ओर से बोलियां प्रस्तुत की गई थीं- स्पेन के नवांटिया के साथ साझेदारी में L&T, और जर्मनी के थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स के साथ साझेदारी में मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स की ओर से। रक्षा मंत्रालय की एक तकनीकी निरीक्षण समिति ने बोलियों की समीक्षा की और पाया कि केवल मझगांव डॉक का प्रस्ताव ही पात्रता मानदंडों को पूरा करता है।
CNBC TV18 की रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। बोली लगाने वाले को सिलेक्ट करने पर अंतिम फैसला लेने के लिए डिफेंस एक्वीजीशन काउंसिल (DAC) जल्द ही बैठक करेगी।
क्या है मझगांव डॉक की बोली में
मझगांव डॉक की बोली में महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के साथ भारत में 6 नेक्स्ट जनरेशन कनवेंशनल सबमरींस का निर्माण शामिल है। जहाजों में एयर-इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) सिस्टम रहेंगे, जिससे वे दो सप्ताह तक पानी में रह सकेंगे। यह सबमरीन प्रोजेक्ट भारत की नौसेना की ताकत को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है, खासकर चीन की नौसेना के तेजी से बढ़ते आधुनिकीकरण के साथ।
तकनीकी मंजूरी मिलने के बाद अगले चरण में मझगांव डॉक की ओर से प्रस्तुत कमर्शियल बिड को ओपन करना शामिल होगा। इसके बाद टेक्निकल और कमर्शियल शर्तों पर विस्तृत चर्चा होगी। फिर अंतिम प्रस्ताव को मंजूरी के लिए सक्षम अधिकारियों को भेजा जाएगा। कॉन्ट्रैक्ट साइन होने के 7 साल बाद पहली सबमरीन यानि पनडुब्बी के सर्विस में आने की उम्मीद है।