लार्सन एंड टूब्रो (एलएंडटी) के शेयरों में 13 जनवरी को बड़ी गिरावट आई। इसके बाद सेबी ने इसके बारे में दोपहर में सफाई पेश की। पहले खबर में बताया गया था कि कुवैत ऑयल प्रोजेक्ट टेंडर्स को कैंसिल करने के बारे में सोच रहा है। एलएंडटी ने अपनी सफाई में कहा कि खबरों में जिस प्रोजेक्ट के बारे में बताया गया है, वह एलएंडटी की ऑर्डर बुक का हिस्सा नहीं है।
एमईईडी की खबर का पड़ा शेयर पर असर
मिडिल ईस्ट इकोनॉमिक डायजेस्ट (MEED) ने अपनी खबर में कहा था कि कुवैत 8.7 अरब डॉलर के ऑयल प्रोजेक्ट्स टेंडर्स को कैंसिल करने पर विचार कर रहा है। कुवैत दोबारा टेंडर्स के लिए बिड्स इनवायट करने के बारे में सोच रहा है। इसकी वजह यह है कि पांच बड़े अपस्ट्रीम कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए आई बिड्स तय बजट से ज्यादा के हैं।
एलएंडटी की ऑर्डर बुक 6.5 लाख करोड़ रुपये की
एनालिस्ट्स का कहना है कि एलएंडटी ने 4.5 अरब डॉलर से ज्यादा के टेंडर्स के लिए सबसे कम बोली लगाई थी। कंपनी की मौजूदा ऑर्डर बुक 6.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की है। FY26 के लिए एलएंडटी का ऑर्डर इनफ्लो गाइडेंस FY25 के मुकाबले 10 फीसदी ज्यादा था।
एलएंडटी को पश्चिम बंगाल में मिला बड़ा ऑर्डर
सीएनबीसी-टीवी18 ने इस बारे में कमेंट के लिए एलएंडटी से संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन, अभी रिस्पॉन्स नहीं आया है। दोपहर में कंपनी ने इस बारे में स्टॉक एक्सचेंजों को सफाई पेश की। एलएंडटी ने 13 जनवरी को एक दूसरी जानकारी में कहा कि उसके ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस वर्टिकल को पश्चिम बंगाल के साऊथ 24 परगना जिले में मुरी गंगा नदीं पर आर्टेरियल केबल-स्टेड ब्रिज के लिए एक बड़ा ऑर्डर मिला था।
3 फीसदी से ज्यादा गिरकर बंद हुए शेयर
13 जनवरी को एमईईडी की रिपोर्ट के बाद एलएंडटी के शेयर 4 फीसदी से ज्यादा गिर गए थे। लेकिन, कंपनी के इस बारे में एक्सचेंजों को सफाई पेश करने के बाद शेयरों में रिकवरी आई। कारोबार के अंत में कंपनी के शेयर 3.21 फीसदी गिरकर 3,890 रुपये पर बंद हुए। बीते एक साल में कंपनी का शेयर 12.29 फीसदी चढ़ा है।