चश्मे बनाने वाली कंपनी लेंसकार्ट सॉल्यूशंस के शेयरों में 8 नंवबर को मुहूर्त ट्रेडिंग सेशन के दौरान 1 प्रतिशत की तेजी रही। BSE पर शेयर 732.15 रुपये पर बंद हुआ। ब्लॉक डील में सॉफ्टबैंक ग्रुप की ओर से हिस्सेदारी कम किए जाने के बावजूद शेयर में खरीद बढ़ी। जापान के सॉफ्टबैंक ग्रुप ने अपनी सहयोगी कंपनी सॉफ्टबैंक विजन फंड (SVF) II लाइटबल्ब (केमैन) के जरिए लेंसकार्ट में 1,896.24 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। ब्लॉक डील के आंकड़ों के अनुसार, लेंसकार्ट में 1.56 प्रतिशत हिस्सेदारी या 2.72 करोड़ शेयरों की बिक्री हुई।
इस सौदे के बाद लेंसकार्ट में सॉफ्टबैंक की हिस्सेदारी 7.27 प्रतिशत से घटकर 5.71 प्रतिशत रह गई है।सॉफ्टबैंक द्वारा बेचे गए सभी शेयरों को 13 घरेलू और वैश्विक संस्थागत निवेशकों ने खरीदा। गोल्डमैन सैक्स सबसे बड़ी खरीदार रही, जिसने लेंसकार्ट में 640.26 करोड़ रुपये के 91.84 लाख शेयर खरीदे। इसके बाद सोसाइटे जेनरल ODI रहा, जिसने 623.53 करोड़ रुपये में 89.44 लाख शेयर खरीदे। अमेरिका की विलियम ब्लेयर इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट ने 7 स्कीमों के जरिए 77.43 करोड़ रुपये के 11.1 लाख शेयर खरीदे।
अन्य खरीदारों में कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड, नॉर्जेस बैंक, BNP पारिबा फाइनेंशियल मार्केट्स, UTI AMC, द नॉर्दर्न ट्रस्ट कंपनी, शिकागो का 'पब्लिक स्कूल टीचर्स पेंशन एंड रिटायरमेंट फंड', फ्लोरिडा रिटायरमेंट सिस्टम, टेक्सास म्युनिसिपल रिटायरमेंट सिस्टम, HDFC स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस कंपनी और NRSGVCC शामिल हैं।
इससे पहले सॉफ्टबैंक ने कब बेचे थे शेयर
इस साल अगस्त में SVF II लाइटबल्ब केमैन ने ब्लॉक डील के जरिए लेंसकार्ट में 2,887.9 करोड़ रुपये के 4.5 करोड़ शेयर बेचे थे। खरीदारों में सोसाइटे जेनरल ओडीआई, गोल्डमैन सैक्स, मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड, वैनगार्ड ग्रुप, मॉर्गन स्टेनली, SBI म्यूचुअल फंड, निप्पॉन इंडिया, HDFC म्यूचुअल फंड जैसे कई घरेलू और वैश्विक निवेशक शामिल थे।
जून में भी सॉफ्टबैंक समूह ने SVF II लाइटबल्ब (केमैन) के जरिए लेंसकार्ट में 3.25 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची थी। उस वक्त 5,65,00,000 शेयर बेचे गए थे और ट्रांजेक्शन की वैल्यू 2,873.30 करोड़ रुपये रही थी। व्हाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड (MF), मिरे एसेट MF, कोटक MF, केनरा रोबेको MF, ICICI प्रूडेंशियल MF, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस, सोसाइटी जेनरल, मेट्जलर एसेट मैनेजमेंट, गोल्डमैन सैक्स, फिडेलिटी, कॉप्थॉल मॉरीशस इनवेस्टमेंट, इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड, और डेंडाना इनवेस्टमेंट्स (मॉरीशस) लिमिटेड खरीदार रहे थे।
अक्टूबर में भी Lenskart में हुई थी ब्लॉक डील
अक्टूबर में लेंसकार्ट में ब्लॉक डील के जरिए 2.93 करोड़ शेयरों की बिक्री हुई थी। इन शेयरों की कुल वैल्यू 1,895 करोड़ रुपये बताई गई थी। खबर थी कि अल्फा वेव वेंचर्स LP विक्रेता हो सकती है। इससे पहले Alpha Wave Ventures LP ने अगस्त महीने में ब्लॉक डील के जरिए लेंसकार्ट के 2.95 करोड़ शेयर या 1.7 प्रतिशत इक्विटी 1,857 करोड़ रुपये में बेची थी। खरीदारों में नेशनल पेंशन सिस्टम, ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड और व्हाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड शामिल थे। सितंबर 2026 में अबू धाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी ने लेंसकार्ट में अपनी 2.01 प्रतिशत हिस्सेदारी कम कर दी और 2,390 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
सितंबर तिमाही में कैसा रहा मुनाफा
जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के दौरान लेंसकार्ट का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर दोगुने से अधिक होकर 232.45 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 113 करोड़ रुपये था। नेट प्रॉफिट मार्जिन 2.92 प्रतिशत बढ़कर 8.2 प्रतिशत हो गया। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 35.72 प्रतिशत बढ़कर 2,845.03 करोड़ रुपये हो गया। सितंबर 2025 तिमाही में यह 2,096.14 करोड़ रुपये था। सितंबर 2026 तिमाही के दौरान EBITDA सालाना आधार पर 50 प्रतिशत बढ़कर 621 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन पिछले साल की इसी तिमाही के 20 प्रतिशत से बढ़कर 22 प्रतिशत हो गया।
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