LIC ने फाइनेंशियल ईयर 2021-22 में शेयरों में इनवेस्टमेंट से 42,000 करोड़ रुपये मुनाफा कमाया है। एलआईसी के मैनेजिंग डायरेक्टर राज कुमार ने यह जानकारी दी है। फाइनेंशियल ईयर 2020-21 में एलआईसी ने शेयर से 36,000 करोड़ रुपये प्रॉफिट कमाया था। इस तरह पिछले वित्त वर्ष में एलआईसी ने स्टॉक मार्केट्स से 16.6 फीसदी ज्यादा मुनाफा कमाया है।
राज कुमार ने बताया कि एलआईसी ने अपने कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) का 25 फीसदी शेयरों में इनवेस्ट किया है। उसने बाकी इनवेस्टमेंट बॉन्ड और दूसरे इंस्ट्रूमेंट में किया है। फाइनेंशियल ईयर में एलआईसी की यील्ड में गिरावट आई है। इसका मतलब है कि एलआईसी के बॉन्ड पोर्टफोलियो पर कम इंटरेस्ट रेट का असर पड़ा है। चौथी तिमाही में यील्ड 7.46 फीसदी रही।
एलआईसी के मैनेजिंग डायरेक्टर ने कहा, "हम LIC Act के हिसाब से इनवेस्ट करते हैं। हमारे लिए 50 फीसदी इनवेस्टमेंट सरकारी बॉन्ड में करना जरूरी है। ज्यादा यील्ड वाले स्टेट डेवलपमेंट लोन में इनवेस्टमेंट से हमें अपनी यील्ड बढ़ाने में मदद मिली है।" LIC ने फाइनेंशियल ईयर 2021-22 में 4,043 करोड़ रुपये प्रॉफिट कमाया है। यह एक साल पहले के प्रॉफिट के मुकाबले 39 फीसदी ज्यादा है।
उन्होंने कहा कि एलआईसी के तिमाही मुनाफे की तुलना करना ठीक नहीं है, क्योंकि शेयर बाजार में लिस्ट होने से पहले यह तिमाही प्रॉफिट के आंकड़े नहीं बताताी थी। स्टॉक मार्केट में लिस्टिंग के बाद कंपनी के लिए हर तिमाही का रिजल्ट बताना जरूरी है। एलआईसी के शेयरहोल्डर्स की नजरें अब इसके तिमाही नतीजों पर रहेंगी।
एलआईसी के आईपीओ के बाद इसके कई पॉलिसीहोल्डर्स इसके शेयरहोल्डर्स बन गए हैं। लेकिन, लिस्टिंग के बाद से एलआईसी के शेयरों में लगातार आई गिरावट से वे खुश नहीं हैं। कंपनी ने इनवेस्टर्स को प्रति शेयर 949 रुपये के प्राइस पर शेयर अलॉट किए थे। हालांकि, पॉलिसीहोल्डर्स को प्रति शेयर 60 रुपये और रिटेल इनवेस्टर्स को 45 रुपये का डिस्काउंट मिला था। डिस्काउंट के बावजूद इसके पॉलिसीहोल्डर्स को लॉस हुआ है।
LIC का आईपीओ 4 मई को आया था। यह 9 मई को बंद हो गया था। 17 मई को शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हुए थे। दोनों स्टॉक एक्सचेंजों पर शेयर करीब 8 फीसदी डिस्काउंट पर लिस्ट हुए थे। तब से शेयरों में गिरावट का सिलसिला जारी है। मंगलवार के शेयर 3 फीसदी गिर गए थे। लगातार गिरावट की वजह से एलआईसी का बाजार पूंजीकरण 5 लाख करोड़ रुपये से थोड़ा ज्यादा रह गया है।