LIC IPO : अमेरिका इनवेस्टमेंट बैंक जेफरीज (Jefferies) के हेड (ग्लोबल इक्विटी स्ट्रैटजी) क्रिस्टोफर वुड (Christopher Wood) ने कहा कि लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (Life Insurance Corporation) ऑफ इंडिया में भारतीय बाजार का सबसे बड़ा स्टॉक बनने की क्षमता है। 2000 के दशक में चीनी कंपनियों में सरकार की हिस्सेदारी बेचने के परिणामों का उल्लेख करते हुए वुड ने अपने न्यूजलेटर ग्रीड एंड फीयर में कहा कि सरकार के स्वामित्व वाली इस अहम कंपनी की लिस्टिंग से पूरे भारतीय स्टॉक मार्केट का मार्केट कैपिटलाइजेशन बढ़ सकता है, जो फिलहाल 3.5 लाख करोड़ डॉलर का है।
2000 के दशक में बड़ी संख्या में लिस्ट हुई थीं चीन की सरकारी कंपनियां
इकोनॉमी में ग्रोथ और स्टॉक मार्केट में मजबूती के चलते, 2000 के दशक में बड़ी संख्या में चीन सरकार के स्वामित्व वाली कंपनियां पब्लिक मार्केट्स में लिस्ट हुईं, जो 2008 की ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस से पहले दुनिया की कुछ सबसे ज्यादा मूल्यवान कंपनियों में शामिल हो गईं।
12-15 लाख करोड़ की वैल्युएशन का अनुमान
भारत की बात करें तो बड़े आकार के साथ ही कंपनी के प्रोफाइल के कारण LIC का IPO भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास की सबसे बहुप्रतीक्षित घटना है।
लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का पब्लिक इश्यू 12 लाख करोड़ से 15 लाख करोड़ रुपये तक वैल्युएशन के साथ आने का अनुमान है, जिससे सरकार को अपना 2021-22 का 78,000 करोड़ रुपये का विनिवेश लक्ष्य हासिल करने में मदद मिल सकती है।
बिक सकती है LIC की 5% हिस्सेदारी
ऐसा अनुमान है कि शुक्रवार यानी 11 फरवरी की शाम तक LIC अपने IPO के लिए ड्राफ्ट रेड हियरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल कर सकती है। समझा जाता है कि इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (IRDAI) ने 9 फरवरी को हुई एक बोर्ड मीटिंग में LIC के IPO के प्रपोजल को हरी झंडी दे दी है।
ब्लूमबर्ग की हाल में आई एक खबर के मुताबिक, सरकार LIC की 5 फीसदी हिस्सेदारी बेच सकती है। जब IPO लॉन्च होगा, तो वह देश के इतिहास का सबसे बड़ा IPO होगा।
नवंबर में फिनटेक कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस ने 18,700 करोड़ रुपये के इश्यू के साथ सबसे बड़े IPO का रिकॉर्ड तोड़ दिया था। इससे पहले सबसे IPO 2010 में आया कोल इंडिया का पब्लिक इश्यू था, जिसके जरिये लगभग 15,000 करोड़ रुपये जुटाए गए थे।