LIC Stocks Portfolio: लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) ने मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारतीय शेयर बाजारों में 17,000 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। बता दें कि LIC, भारतीय शेयर बाजार की सबसे बड़ी घरेलू संस्थागत निवेशक है। LIC ने यह खरीदारी ऐसे समय में की है, जब म्यूचुअल फंड और रिटेल निवेशकों सहित दूसरे घरेलू निवेशक भी आक्रामक तरीके से शेयर बाजार में खरीदारी कर रहे हैं। इससे बाजार को काफी सपोर्ट मिला है। जून तिमाही के दौरान म्यूचुअल फंड ने करीब 1.1 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया, जबकि बीमा कंपनियों और बैंकों ने क्रमश: 5,035 करोड़ रुपये और 628 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। रिटेल निवेशकों ने जून तिमाही में करीब 39,278 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं इसके उलट, विदेशी निवेशकों ने इसी अवधि के दौरान करीब 8,495 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
इससे पहले LIC ने मार्च तिमाही और दिसंबर तिमाही के दौरान क्रमशः 44,500 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 6,260 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। LIC ने जून तिमाही के दौरान 11 नए कंपनियों के शेयर खरीदे। वहीं 89 मौजूदा शेयरों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई। दूसरी ओर, इसने 95 शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम की और 11 कंपनियों से बाहर निकल गई।
जून तिमाही के अंत तक, LIC के पोर्टफोलियो में 321 स्टॉक थे, जिनकी कुल वैल्यू करीब 15.71 लाख करोड़ रुपये आंका गई है। इससे पहले मार्च तिमाही के अंत में LIC ने 333 कंपनियों के शेयरों में पैसा लगाया हुआ था और उसकी वैल्यू 14.29 लाख करोड़ रुपये थी।
जून तिमाही के दौरान LIC ने नई कंपनियों में सबसे अधिक REC Ltd में निवेश किया। इसके बाद डालमिया भारत और पूनावाला फिनकॉर्प का स्थान रहा। जून तिमाही के दौरान इन स्टॉक की औसत कीमत के आधार पर, LIC ने REC में लगभग 1,485 करोड़ रुपये, डालमिया भारत में 1,097 करोड़ रुपये और पूनावाला फिनकॉर्प में 466 करोड़ रुपये का निवेश किया।
LIC ने इसके अलावा सीएट (146 करोड़ रुपये), डालमिया भारत (128 करोड़ रुपये), आईटीडीसी (112 करोड़ रुपये), टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग (112 करोड़ रुपये), दीपक फर्टिलाइजर्स (91 करोड़ रुपये), अरविंद फैशन (72 करोड़ रुपये), डी डेवलपमेंट इंजीनियर्स (41 करोड़ रुपये), पीएसपी प्रोजेक्ट्स (38 करोड़ रुपये) और एडोर वेल्डिंग (28 करोड़ रुपये) में जून तिमाही के दौरान निवेश किया।
एक्सिस सिक्योरिटीज के राजेश पलवीय का मानना है कि LIC ने वहीं निवेश किया जहां उन्हें वैल्यूएशन के हिसाब से सहूलियत मिली। उनका कहना है कि LIC की कई ऐसी स्कीमें भी हैं, जिसके लिए उन्हें इक्विटी मार्केट में निवेश करना होता है। ऐसे में उन्होंने चुनाव नतीजों के दिन बाजार में उतार-चढ़ाव का फायदा उठाया और कैश निवेश किया।
LIC ने जून तिमाही के दौरान किन कंपनियों में निवेश किया और किनमें अपनी हिस्सेदारी घटाई, इसे आप नीचे दिए गए तस्वीर में देख सकते हैं-