LIC का शेयर सोमवार को 668.20 रुपये पर बंद हुआ। इस शेयर में गिरावट की एक बड़ी वजह यह रही कि एंकर इनवेस्टर्स का लॉक-इन पीरियड खत्म हो गया है। इसका मतलब है कि LIC के इश्यू में इनवेस्ट करने वाले एंकर इनवेस्टर्स अब इसके शेयर बेच सकते हैं। दूसरी वजह आज (सोमवार) शेयर बाजार में आई बड़ी गिरावट रही। सेंसेक्स 1456 अंक गिर गया।
LIC का शेयर लिस्टिंग के बाद से 29 फीसदी गिर चुका है। इस तरह लिस्टिंग के बाद सबसे ज्यादा गिरने वाला यह एशिया का दूसरा शेयर बन गया है। अभी पहले नंबर पर दक्षिण कोरिया की कंपनी LG Energy Solution है। इसका शेयर लिस्टिंग के बाद 30 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है।
सुबह में एलआईसी का शेयर 700 रुपये से कम यानी 691 रुपये पर खुला। फिर, इसमें गिरावट बढ़ गई। कारोबार खत्म होने पर यह 5.85 फीसदी गिरकर बीएसई पर 668.20 रुपये पर बंद हुआ। सोमवार लगातार 10वां दिन था, जब एलआईसी का शेयर लाल निशान में बंद हुआ।
सोमवार को एलआईसी का मार्केट कैपिटलाइजेशन गिरकर 4.22 लाख करोड़ रुपये रह गया। यह देश की सबसे ज्यादा वैल्यूएशन वाली टॉप कंपनियों की लिस्ट से बाहर हो गई है। यह छठे पायदान पर आ गई है। लिस्टिंग से अब तक इस शेयर के इनवेस्टर्स के 1.7 लाख करोड़ रुपये डूब गए हैं। यह शेयर 17 मई को लिस्ट हुआ था। तब इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 6 लाख करोड़ रुपये था। यह देश की पांचवीं सबसे बड़ी कंपनी थी।
LIC का आईपीओ 3 मई को ओपन हुआ था। यह 9 मई को बंद हुआ। सरकार ने इस कंपनी में अपनी 3.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर 21,000 करोड़ रुपये हासिल किए थे। एंकर इनवेस्टर्स ने एलआईसी के 5.93 करोड़ शेयर खरीदे थे। कंपनी ने 949 रुपये पर इनवेस्टर्स को शेयर जारी किए थे। एंकर इनवेस्टर्स में ज्यादा घरेलू फंड्स थे। उन्हें अब तक 25 फीसदी से ज्यादा लॉस हो चुका है।
LIC के आईपीओ में देश और विदेश के एंकर इनवेस्टर्स ने पैसे लगाए थे। इनमें गवर्नमेंट ऑफ सिंगापुर, एसबीआई म्यूचुअल फंड, HDFC Mutual Fund और एक्सिस म्यूचुअल फंड शामिल थे। लेकिन, ज्यादा निवेश घरेलू म्यूचुअल फंडों ने किया था। इस इश्यू में म्यूचुअल फंड की 99 स्कीमों में 4000 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे थे।
इस इश्यू में LIC के पॉलिसीहोल्डर्स ने खूब दिलचस्पी दिखाई थी। पॉलिसीहोल्डर्स का कोटा छह गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसकी वजह डिस्काउंट था। कंपनी ने अपने पॉलिसीहोल्डर्स को प्रति शेयर 60 रुपये का डिस्काउंट दिया था। रिटेल इनवेस्टर्स को प्रति शेयर 45 रुपये का डिस्काउंट मिला था। इस वजह से रिटेल इनवेस्टर्स ने भी इस इश्यू में अच्छी दिलचस्पी दिखाई थी।