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BEML Land Assets की लिस्टिंग जल्द, विनिवेश विभाग से बोर्ड गठित करने की सिफारिश

BEML की सब्सिडियरी BEML Land Assets Ltd कंपनी की लिस्टिंग के बारे में एनबीसी-आवाज़ के लक्ष्मण रॉय ने कहा कि सूत्रों के अनुसार शीघ्र ही इसकी लिस्टिंग हो जायेगी। लिस्टिंग के पहले बहुत सारी प्रक्रियाएं पूरी करने की वजह से इसमें विलंब हुआ है। बीईएमल द्वारा प्रस्ताव रखने पर विनिवेश विभाग ने इस प्रक्रिया को छोटी करने की सिफारिश की है

Edited By: Lakshman Royअपडेटेड Mar 14, 2023 पर 2:09 PM
BEML Land Assets की लिस्टिंग जल्द, विनिवेश विभाग से बोर्ड गठित करने की सिफारिश
BEML के पास जो जमीनें हैं। उन्हें कंपनी को अपनी नई सब्सिडियरी BEML Land Assets Ltd को ट्रांसफर करना होगा

बीईएमएल लैंड एसेट्स लिमिटेड (BEML Land Assets Ltd) की लिस्टिंग जल्द होती हुई दिख सकती है। हमारे सहयोगी चैनल सीएनबीसी-आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक इसकी लिस्टिंग के लिए विभागीय स्तर पर एक्शन शुरू हो गया है। इस प्रक्रिया के लिए विनिवेश विभाग से बोर्ड गठित करने की सिफारिश की गई है। इसके साथ ही बोर्ड के सदस्य के चयन की प्रक्रिया भी छोटी करने की सिफारिश की गई है। ये कंपनी 8 सितंबर 2022 की डीमर्ज हुई थी। उसके बाद से ही इसकी अटकलें लगाईं जा रही थी कि इसकी लिस्टिंग कब होगी। जबकि डीमर्ज के समय अनुमान लगाया गया था कि एक महीने के अंदर ही इसकी लिस्टिंग हो जायेगी। लेकिन अब सूत्र बता रहें है कि इसकी लिस्टिंग का इंतजार खत्म होने जा रहा है।

इस खबर पर विस्तार से जानकारी देते हुए लक्ष्मण रॉय ने कहा कि इसके डीमर्ज के बाद करीब 6 महीनों का समय बीत गया है लेकिन अब हमें सूत्र बता रहे हैं कि इसकी लिस्टिंग शीघ्र हो जायेगी। इसकी लिस्टिंग में इसलिए विलंब हुआ है कि लिस्टिंग के पहले बहुत सारी प्रक्रिया होती है। वे प्रक्रियाएं लंबी हो रहीं थी। जब संबंधित मंत्रालयों के सामने इस प्रक्रिया के संबंध में बीईएमल द्वारा प्रस्ताव रखा गया तो खास तौर पर विनिवेश विभाग ने ये सिफारिश की है। इस प्रक्रिया को छोटी किया जाये। बता दें कि BEML Land Assets Ltd ये कंपनी BEML की सब्सिडियरी है।

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अब इस प्रक्रिया को छोटा करने की कोशिश हो रही है ताकि जल्द से जल्द इसकी लिस्टिंग हो सके। इसकी वजह ये है कि इसकी लिस्टिंग के बाद ही सरकार जो बीईएमएल में अपनी हिस्सेदारी बेचना चाहती है। उसे बेच पायेगी। इस समय सरकार की BEML में 54 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसमें वह 26 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचना चाहती है।

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