Amir Chand Jagdish Kumar Exports Shares: प्रीमियम बासमती चावल ब्रांड ऐरोप्लेन राइस (Aeroplane Rice) की पैरेंट कंपनी अमीर चंद जगदीश कुमार एक्सपोर्ट्स के शेयरों ने निवेशकों को ऐसा तगड़ा शॉक दिया है कि जिन्होंने आईपीओ में पैसे लगाए, वह इसे भूलना चाहेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि जब से यह लिस्ट हुआ है, वह लगातार टूटकर लोअर सर्किट पर आ रहा है। इसके शेयरों की 2 अप्रैल को भारी डिस्काउंट के साथ एंट्री हुई और फिर टूटकर यह लोअर सर्किट पर आकर बंद भी हुआ। पहले दिन की यह गिरावट आगे भी जा रही और लगातार चौथे कारोबारी दिन 8 अप्रैल को ₹128.00 (Amir Chand Jagdish Kumar Share Price) के लोअर सर्किट पर बंद हुआ यानी कि आईपीओ निवेशक करीब 40% के घाटे में आ गए। इसके शेयर ₹212 के भाव पर जारी हुए थे।
Amir Chand Jagdish Kumar के शेयरों को झटका क्यों?
अमीर चंद जगदीश कुमार (एक्सपोर्ट्स) बासमती चावल समेत अन्य एफएमसीजी प्रोडक्ट्स की प्रोसेसिंग कर निर्यात करती है और देश में भी बिक्री करती है। बाजार नियामक सेबी के पास दाखिल किए आरएचपी के मुताबिक वित्त वर्ष 2025 के नौ महीने अप्रैल-दिसंबर 2025 में कंपनी को 22% रेवेन्यू पश्चिमी एशिया से हासिल हुआ और पश्चिमी एशिया में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रही जंग के चलते उथल-पुथल मची हुई है। सीजफायर के ऐलान के बावजूद स्थिति अभी तक सामान्य नहीं हो पाई है।
इस प्रॉस्पेक्टस में कंपनी ने कहा था कि भारतीय रुपये और अमेरिकी डॉलर या अन्य विदेशी करेंसी एक्सचेंज रेट्स में उतार-चढ़ाव का उसके बिजनेस, कैश फ्लो और वित्तीय स्थिति पर असर पड़ता है। कंपनी एक्सचेंज रेट में होने वाले बदलावों से अपनी संपत्तियों और देनदारियों को सुरक्षित रखने के लिए फॉरवर्ड एक्सचेंज कॉन्ट्रैक्ट, क्रॉस-करेंसी स्वैप और इंटरेस्ट रेट स्वैप का इस्तेमाल करती है। इसके रेवेन्यू का करीब 65% हिस्सा भारतीय बाजारों से आया।
अब तक कैसी रही अमीर चंद जदगीश कुमार एक्सपोर्ट्स के शेयरों की चाल?
अमीर चंद जगदीश कुमार के ₹440 करोड़ का आईपीओ ओवरऑल 3.41 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें हर कैटेगरी के लिए आरक्षित हिस्सा ओवरसब्सक्राइब हुआ था। बीएसई पर 2 अप्रैल को यह ₹195.00 यानी 8.02% डिस्काउंट पर लिस्ट हुआ इससे रिकवर होकर यह ₹197.95 के रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंचा लेकिन फिर टूटकर यह ₹175.50 के लोअर सर्किट तक आ गया और इसी पर बंद भी हुआ यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 17.22% घाटे में थे। अगले दिन यह बढ़त के साथ खुला लेकिन फिर टूटकर यह 10% के लोअर सर्किट पर आ गया। टूटने का यह सिलसिला लगातार बना रहा और अगले दो कारोबारी दिन पर यह 10% के लोअर सर्किट पर आकर बंद हुआ।