ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफ़रीज़ ने हाल में जारी अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि नौकरी छोड़ने की दर कम हुई है, सबकॉन्ट्रैक्टिंग की लागत भी घट रही है, यूटिलाइजेशन लेवल में भी सुधार हो रहा है। इसके बावजूद आईटी कंपनियों की कर्मचारी लागत वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान ऊंची रहने की संभावना है। इसके चलते आईटी कंपनियों के मार्जिन पर दबाव रहेगा। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय आईटी कंपनियों का एम्प्लाई पिरामिड पिछले वर्ष में मजबूत सुधार के बाद वित्त वर्ष 2023 में काफी खराब हुआ है। इसमें 30 वर्ष से कम आयु के कर्मचारियों की हिस्सेदारी में काफी गिरावट आई है।
