इमर्जिंग मार्केट में पैसा लगाने वाले दिग्गज निवेशक मार्क मोबियस (Mark Mobius) ने मंगलवार को कहा कि भारतीय शेयर बाजारों में अभी 10 फीसदी और गिरावट की संभावना है। मोबियस ने हमारे सहयोगी चैनल CNBC-TV18 को दिए एक इंटरव्यू में कहा, "हमें बाजार में शायद 10 फीसदी और गिरावट देखने को मिल सकती है, लेकिन हम अभी भी लंबी अवधि के बुल मार्केट में हैं।"
मार्के मोबियस का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब बाजार अक्टूबर 2021 के अपने रिकॉर्ड हाई से करीब 7 फीसदी से अधिक गिर चुका है। मोबियस कैपिटल पार्टनर्स के फाउंडर मोबियस ने कहा कि देश की ग्रोथ संभावनाएं अच्छी हैं और इस वजह से उन्होंने भारतीय शेयर बाजार में अभी भी निवेश बनाए रखा है।
बता दें कि भारत सरकार ने वित्त वर्ष 2022-23 में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 8-8.5 रहने का अनुमान जताया है। वहीं भारतीय रिजर्व बैंक ने इस दौरान जीडीपी ग्रोथ रेट 7.8 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।
मोबायिस ने यह कहा कि उनके हिसाब से विदेशों निवेशकों की तरफ से भारी बिकवाली एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स पर आधारित है, तो इमर्जिंग मार्केट्स के स्टॉक्स पर नजर रखते हैं। विदेशी निवेशकों ने पिछले करीब साढ़े चार महीने में भारतीय शेयर बाजारों से 1 लाख करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की है।
ग्लोबल लेवल पर भी निवेशक इमर्जिंग देशों के शेयर बाजारों से पैसा निकाल रहे हैं। इसके पीछे अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक की तरफ से ब्याज दरों को बढ़ाए जाने की आशंका को वजह बताया जा रहा है। अमेरिका में महंगाई पिछले कई दशकों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है, जिसको काबू में करने के लिए अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तरफ से इस साल में चार या पांच बार ब्याज दरें बढ़ाए जाने की उम्मीद की जा रही है।
मोबियस ने रूस और यूक्रेन के बीच पूर्वी यूरोप में जारी तनाव को अमेरिकी फेड की तरफ ब्याज दरों में बढ़ोतरी के साथ एक और चिंता की वजह बताई। उन्होंने कहा, "बाजार में कई तरह की चिंताएं बढ़ती जा रही है। मेरी राय में निवेशकों को इस समय कमाई की अच्छी संभावना वाली कंपनियों के साथ बने रहना चाहिए।"