मीडियम और लॉन्ग टर्म पोर्टफोलियो बनाने का बड़ा मौका है यह करेक्शन

गोल्डमैन सैक्स एसेट मैनेजमेंट के लीड पोर्टफोलियो मैनेजर हिरेन देसाई ने कहा कि ऐसा सिर्फ स्टॉक मार्केट में होता है कि जब कीमतें और वैल्यूशन घटती है तो लोग चिंतित हो जाते हैं। होना इसके उलट चाहिए। निवेशकों को यह सोचना चाहिए कि शेयरों की कीमतों में गिरावट ऐसा मौका है जब सस्ते में स्टॉक्स खरीदे जा सकते हैं

अपडेटेड Mar 07, 2025 पर 11:27 AM
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हिरेन देसाई ने कहा कि आज देश और कंपनियों दोनों की ही बैलेंसशीट मजबूत स्थिति में है।

यह मार्केट करेक्शन मीडियम और लॉन्ग टर्म पोर्टफोलियो बनाने का शानदार मौका है। गोल्डमैन सैक्स एसेट मैनेजमेंट के लीड पोर्टफोलियो मैनेजर हिरेन देसाई ने यह बात कही है। मनीकंट्रोल के ग्लोबल वेल्थ समिट में देसाई ने स्टॉक मार्केट और इनवेस्टमेंट को लेकर कई अहम बातें बताईं। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की इंडियन मार्केट में बिकवाली के बारे में उन्होंने कहा कि उनके (एफआईआई) के पास दुनियाभर में निवेश करने का विकल्प खुला है। यह आजादी एक भारतीय निवेशक को नहीं है।

विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली की वजह

उन्होंने कहा कि कई चीजों ने FIIs को इंडिया में बिकवाली करने को मजबूर किया है। इंडिया में ग्रोथ सुस्त पड़ी है। वैल्यूएशन (Valuations) अपेक्षाकृत हाई रही है। उधर, चीन जैसे दूसरे मार्केट्स ज्यादा अट्रैक्टिव हो गए हैं। इस वजह से इंडियन मार्केट में करेक्शन की शुरुआत हुई। लेकिन, यह ध्यान में रखने की जरूरत है कि पिछले साल की दूसरी छमाही में इंडिया में पेपर की सप्लाई काफी ज्यादा रही है। इसलिए लंबी अवधि के लिहाज से इंडियन मार्केट शानदार है। हमारा मानना है कि हम ऐसे फेज में हैं, जिसमें हम इंडियन मार्केट में साइक्लिकल स्लोडाउन देख रहे हैं। हमें नहीं लगता कि इंडियन मार्केट को लेकर मीडियम से लॉन्ग टर्म में किसी तरह का स्ट्रक्चरल प्रॉब्लम है।


सरकार और कंपनियों दोनों की बैलेंसशीट मजबूत

देसाई ने कहा कि आज देश की बैलेंसशीट और कंपनियों की बैलेंसशीट बहुत मजबूत स्थिति में हैं। फिस्कल या करेंट अकाउंट डेफिसिट या इनफ्लेशन की बात करें तो इकोनॉमी बहुत अच्छी स्थिति में है। कंपनियों की बैलेंसशीट भी काफी हेल्दी है। जब कंपनियों और सरकार की बैलेंसशीट अच्छी हो तो फिर कोई बड़ी प्रॉब्लम नहीं हो सकती। यह गिरावट सिर्फ वैलयूएशन में करेक्शन के लिए है, जो पिछले कई महीनों से जारी है।

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यह मीडियम और लॉन्ग टर्म पोर्टफोलियो बनाने का बड़ा मौका

देसाई ने दिग्गज इनवेस्टर वॉरेन बफे का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि बफे ने कहा था कि ऐसा सिर्फ स्टॉक मार्केट्स में होता है कि जब कीमतें गिरती हैं या वैल्यूएशन घटती है तो लोग चिंता करने लगते हैं। होना इसके उलट चाहिए। आपको खुश होना चाहिए कि आप किसी चीज को अब कम प्राइस में खरीद सकते हैं। इसलिए मेरा मानना है कि अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं तो आपके लिए यह शानदार मौका है। मार्केट के इस करेक्शन ने मीडिया और लॉन्ग टर्म पोर्टफोलियो बनाने का बड़ा मौका दिया है। इसकी वजह यह है कि इंडिया की ग्रोथ को लेकर किसी तरह का संदेह नहीं है।

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