Market Correction : क्या बाजार में है मंदी का डर, गिरते बाजार में अब क्या करें निवेशक?

Market trend:बाजार काफी महंगा हो चुका था। इसमें करेक्शन की आशंका पहले से भी। चीन के प्रोत्साहन पैकेज ने इस करेक्शन को ट्रिगर कर दिया। पिछले एक-डेढ़ महीने की सेलिंग में अब रिटेल निवेशक भी चिंतित दिख रहे है जो पहले किसी भी हल्के फुल्के करेक्शन से डर नहीं रहे थे। बाजार के टेक्निकल्स काफी वीक हो चुके हैं। ऐसे में अभी भी बाजार में और गिरावट की आशंका है

अपडेटेड Oct 27, 2024 पर 12:58 PM
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पंकज जैन की निवेशकों को सलाह है कि वे वेट एंड वॉच मोड में रहें। जहां पर आपने अच्छे स्टॉक्स में अच्छे भाव पर निवेश कर रखा है उसमें टिके रहिए। लेकिन जहां पर आप सिर्फ मोमेंटम गेन के लिए गए थे वहां अगर 10-15 फीसदी नीचे भी हों तो घाटा बुक करें

Stock market : बाजार में कोहराम मचा हुआ है। बीते हफ्ते के रिटर्न पर नजर डालें तो निफ्टी 2.71%, सेंसेक्स 2.24%, बैंक निफ्टी 2.51%, मिडकैप 5.75% और स्मॉलकैप 6.45% गिरा है। सेक्टर इंडेक्सों पर नजर डालें तो PSE में 7.46%, मीडिया में 7.24%,मेटल में 7.23%, रियल्टी में 6.97%, ऑयल एंड गैस में 6.21%, PSU बैंक में 5.81% ऑटो में 5.36%, एनर्जी में 5.20%, इंफ्रा में 5.11% और FMCG में 3.50% की गिरावट आई है। स्टॉक्स की बात करें तो इस हफ्ते RVNL 20.30%, सुजलॉन एनर्जी 20.13%, JSW इंफ्रा 19.86%, M&M फाइनेंस 19.64%, HUDCO 19.48%, एस्कॉर्ट्स कुबोटा 19.32%, फीनिक्स मिल्स 19.21%, मैंगलोर रिफाइनरी 19.20%, FACT 18.82% और IRB इंफ्रा 18.59% फिसला है।

बाजार में गिरावट क्यों?

बाजार में गिरावट की वजह पर नजर डालें कंपनियों के नतीजों ने बाजार का मूड खराब कर दिया है। बाजार जानकारों का कहना है है कि वैल्युएशन महंगे थे, अब करेक्शन हो रहा है। FIIs की जोरदार बिकवाली ने बाजार का सेंटीमेंट खराब कर दिया है। FIIs को चीन ज्यादा आकर्षक लग रहा है। बाजार में डिमांड और कंज्यूमर सेंटिमेंट को लेकर चिंता है। निवेश के दिमाग मं जियोपॉलिटिकल रिस्क हावी है। FIIs की बिकवाली पर नजर डालें तो इन्होंने पिछले 1 महीने में 1.08 लाख करोड़ की बिकवाली की है। वहीं, DIIs ने पिछले 1 महीने में 1.06 लाख करोड़ रुपए की खरीदारी की है।


SW Capital के डायरेक्टर पंकज जैन का कहना है बाजार काफी महंगा हो चुका था। इसमें करेक्शन की आशंका पहले से भी। चीन के प्रोत्साहन पैकेज ने इस करेक्शन को ट्रिगर कर दिया। पिछले एक-डेढ़ महीने की सेलिंग में अब रिटेल निवेशक भी चिंतित दिख रहे है जो पहले किसी भी हल्के फुल्के करेक्शन से डर नहीं रहे थे। बाजार के टेक्निकल्स काफी वीक हो चुके हैं। ऐसे में अभी भी बाजार में और गिरावट की आशंका है। अमेरिका में होने वाला चुनाव अगला बड़ा फैक्टर है जो बाजार पर अपना असर दिखाएगा। हमें देखना होगा की इन चुनावों के बाद बाजार कैसा व्यवहार करता है। इस बीच थोड़ी बहुत शॉर्ट कवरिंग आती रहेगी। लेकिन अमेरिका चुनाव नतीजों के बाद ही बाजार की दिशा साफ होगी।

पंकज जैन की निवेशकों को सलाह है कि वेट एंड वॉच मोड में रहिए। जहां पर आपने अच्छे स्टॉक्स में अच्छे भाव पर निवेश कर रखा है। उसमें टिके रहिए। लेकिन जहां पर आप सिर्फ मोमेंटम गेन के लिए गए थे वहां अगर 10-15 फीसदी नीचे भी हों तो घाटा बुक करें। पीएसयू और डिफेंस शेयरों में काफी ओवरवैल्यूशन हो गया था। जो लोग भी इन सेक्टरों में ऊपर के भाव पर फंस गए हैं। उनको बाहर निकलने का मौका पाने के लिए कुछ और समय इंतजार करना होगा।

इस गिरावट में भी जो शेयर उभर कर आ रहे है। इनमें टेक्नोलॉजी और फार्मा जेसे सेक्टर शामिल हैं। इन में हालिया करेक्शन में भी 5-7 फीसदी से ज्यादा गिरावट नहीं हुई है। ये ऐसे सेक्टर हैं जो अगले 6-8 महीनों में और अच्छा पैसा बना कर देंगे। हॉस्पिटल्स, फार्मा और टेक्नोलॉजी से जुड़े अच्छे स्टॉक्स चुनिए। मीडिय से लॉन्ग टर्म के लिए बाजार में घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

 

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