Market cues : हाल की रिकवरी के बावजूद बाजार में सतर्क रहने की जरूरत, निफ्टी के लिए 23300 के लेवल पर फौरी सपोर्ट
Market cues : अगर Nifty 23,150 के अहम सपोर्ट लेवल को बचाए रखता है तो 23,700–23,900 की रेंज की ओर ऊपर की चाल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि,इस लेवल से नीचे की कोई भी बड़ी गिरावट इंडेक्स को 23,000 से नीचे खींच सकती है। जानकारों के मुताबिक,इसके लिए फौरी सपोर्ट 23,300 के लेवल पर नजर आ रहा है
Market cues : निफ्टी बैंक ने निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया और लगातार तीसरे सेशन में डेली टाइमफ्रेम पर एक बुलिश कैंडल बनाई। यह बोलिंगर बैंड की मिडलाइन के ऊपर बंद हुआ
Market cues : RBI MPC की बैठक के नतीजों से ठीक पहले 4 जून को Nifty दिन के निचले स्तर से जबरदस्त रिकवरी के बाद मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। असल में,यह इंडेक्स 8 अप्रैल को बने'बुलिश गैप'(23,150)के निचले सिरे को लगातार तीसरे सेशन से बचाए हुए है। हर गिरावट पर इसमें खरीदारी देखने को मिल रही है और यह लगातार 23,400 के ऊपर बंद हो रहा है जो अप्रैल की तेजी के 50 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट के स्तर से मेल खाता है। हालांकि, 'लोअर हाई-लोअर लो'का पैटर्न अभी भी बना हुआ है। इसलिए,अगर इंडेक्स आगे चलकर 23,150 के अहम सपोर्ट लेवल को बनाए रखता है तो 23,700-23,900 की रेंज की ओर ऊपर जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि,अगर यह इस लेवल से नीचे गिरता है तो इंडेक्स 23,000 के नीचे जा सकता है। मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक इसके लिए फौरी सपोर्ट 23,300 के लेवल पर दिख रहा है।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस : 23,460, 23,511 और 23,594
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,293, 23,242 और 23,158
स्पेशल फॉर्मेशन : पिछले दो सेशन में बुलिश रिवर्सल पैटर्न बनने के बाद निफ्टी 50 ने डेली चार्ट पर एक बुलिश कैंडल बनाई है। साथ ही,इसने 8 अप्रैल के बुलिश गैप को लगातार बनाए रखा है,जो एक पॉजिटिव चाल का संकेत है। हालांकि,टेक्निकल और मोमेंटम इंडिकेटर एक जैसे संकेत नहीं दे रहे हैं,क्योंकि इंडेक्स अभी भी सभी अहम मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है और शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज नीचे की ओर जा रहे हैं। RSI 41.72 पर था और सिग्नल लाइन के नीचे एक ही जगह पर बना रहा,जबकि MACD रेफरेंस लाइन के नीचे बना रहा और हिस्टोग्राम में लाल बार बड़ा होता गया। हाल की रिकवरी के बावजूद ये सभी फैक्टर सावधानी बरतने का संकेत दे रहे हैं।
बैंक निफ्टी
पिवट पॉइंट्स पर आधारित रेजिस्टेंस: 54,441, 54,590, और 54,831
पिवट पॉइंट्स पर आधारित सपोर्ट: 53,958, 53,809, और 53,568
फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित रेजिस्टेंस: 54,423, 55,809
फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित सपोर्ट: 53,687, 52,798
स्पेशल फॉर्मेशन : निफ्टी बैंक ने निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया और लगातार तीसरे सेशन में डेली टाइमफ्रेम पर एक बुलिश कैंडल बनाई। यह बोलिंगर बैंड (54,200) की मिडलाइन के ऊपर बंद हुआ और अप्रैल की रैली के 50 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट के ऊपर बना रहा,जो एक बेहतर होते ट्रेंड का संकेत है। हालांकि,यह 20 डे के EMA (54,340)के ऊपर बंद होने में नाकाम रहा। इसलिए,बैंकिंग इंडेक्स अपने 20, 50, 100 और 200 डे के EMAs के नीचे ही बना रहा। RSI बढ़कर 48.57 पर पहुंच गया और बुलिश क्रॉसओवर लेवल से ऊपर बना रहा,जबकि MACD पॉज़िटिव रहा और हिस्टोग्राम में हरी पट्टी चौड़ी होती गई। ये सभी फैक्टर बेहतर होते मोमेंटम का संकेत देते हैं,हालांकि इंडेक्स अभी भी अहम रेजिस्टेंस लेवल से नीचे बना हुआ है।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
इंडिया VIX
मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX एक सीमित दायरे में घूमने के बाद 2.41 प्रतिशत गिरकर 15.88 पर आ गया। बाजार में बुल्स का भरोसा और आत्मविश्वास फिर से कायम होने के लिए इसमें 15.5 के स्तर से नीचे एक ठोस गिरावट जरूरी है।
पुट कॉल रेशियो
बाजार का मूड दिखाने वाला Nifty का पुट-कॉल रेश्यो 4 जून को पिछले सेशन के 1.02 से घटकर 1.00 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं,जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: अम्बर एंटरप्राइजेज इंडिया,केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया
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