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Market insight : बाजार में अभी कुछ और समय जारी रह सकती है वोलैटिलिटी, आगे आईटी शेयरों में दिखेगी जोरदार तेजी

Market insight : आशीष सोमैया ने कहा कि मैक्रो के बारे में पहले अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। अगर आप एक साल पहले किसी को बोलते हैं कि क्रूड 100 डॉलर के बहुत ऊपर चला जाएगा तो शायद इसको मानने में मुश्किल होती। आमतौर पर इस तरह की घटना होने पर लोग अपने पोर्टफोलियो में बदलाव की कोशिश करते हैं। लेकिन हमारा तरीका ये नहीं है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Apr 20, 2026 पर 12:43 PM
Market insight : बाजार में अभी कुछ और समय जारी रह सकती है वोलैटिलिटी, आगे आईटी शेयरों में दिखेगी जोरदार तेजी
Market insight : आईटी शेयरों पर अपनी राय देते हुए आशीष सोमैया ने कहा कि गिरते बाजार में भी आईटी शेयर कम गिरे हैं। हमें अक्सर यह देखने को मिलता है कि गिरते बाजार में जो शेयर मजबूती दिखाते हैं वे बाजार में सुधार होने पर आउटपरफॉर्म करते हैं

Market insight : मार्केट आउटलुक पर चर्चा करते हुए वाइट ओक कैपिटल एएमसी के सीईओ आशीष सोमैया ने कहा कि उननको लगता है कि थोड़े और टाइम बाजार में अनसर्टेनिटी रहेगी। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज कभी ओपन हो रहा है कभी क्लोज हो रहा है और मिडिल ईस्ट से काफी कंट्राडिक्टरी न्यूज़ आ रही है। इसका असर बाजार पर दिख रहा है। मिडिल ईस्ट में हो रहे डेवलपमेंट पर नजर रहेगी। एक बात जरूर सामने निकल के आई है कि मिडिल ईस्ट वॉर के इकोनॉमिक फॉल आउट और पॉलिटिकल फॉल आउट को लेकर दुनिया की लीडरशिप सजग है। ऐसे में शायद यह लड़ाई बहुत ज्यादा न बढ़े। लेकिन इस वॉर के असर के बारे अभी कुछ बोलना मुश्किल है। ऐसे में बाजार में वोलेटिलिटी बरकरार रहेगी।

उन्होंने आगे कहा कि बाजार में एब्सोल्यूट परफॉर्मेंस भी होता है और रिलेटिव परफॉर्मेंस भी होता है। निवेशक हमेशा एब्सोल्यूट रिटर्न देखते हैं। लेकिन फंड हाउस मार्केट कंडीशंस को लेकर के हमेशा सचेत रहते हैं और इंडेक्स के मुकाबले रिलेटिव रिटर्न्स देखते हैं। क्योंकि हर फंड का एक बेंच मार्क इंडेक्स है। ऐसे में इंडेक्स के मुकाबले किस तरीके से फंड को पोजीशन किया जाए और इंडेक्स के मुकाबले किस तरीके से आउटपरफॉर्मेंस जनरेट किया जाए इस पर हमारी नजर रहती है। ऐसे में जहां तक आउट परफॉर्मेंस का सवाल है तो पिछला एक डेढ़ साल हमारे लिए अच्छा रहा है। इस तरीके का माहौल आउट परफॉर्मेंस के लिए थोड़ा बेटर रहता है क्योंकि स्टॉक पिकिंग से आउटपरफॉर्मेंस आती है।

अगर आप 2023 2024 की शुरुआती दौर का माहौल देखें तो स्टॉक सिलेक्शन का असर कम हो जाता है। आप कौन से सेक्टर में और कौन से फैक्टर्स पर फोकस करते हैं, इसी से परफॉर्मेंस बेहतर होती है। ऐसे में यह समय हमारे लिए बढ़िया है क्योंकि इसमें बॉटम स्टॉक पिकिंग से ज्यादा फायदा होता है। हर एक सेक्टर के अंदर कुछ कंपनियां अच्छी कर रही होती है। कुछ नहीं कंपनियां भी अच्छी कर रही होती है।

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