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बाजार में लौटी तेजी, एनर्जी शेयरों से मिल रहा सपोर्ट, गिरावट पर खरीदारी की मिल रही सलाह

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के वीके विजयकुमार ने कहा कि बाजार में हालिया करेक्शन ने बाजार में निहित तेजी के रुझान को नहीं बदला है। एफआईआई की बिकवाली की भरपाई निरंतर हो रही डीआईआई और खुदरा खरीदारी से हो रही है। अर्थव्यवस्था की मजबूती बाजार को बुनियादी सपोर्ट प्रदान कर रही है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 20, 2024 पर 11:33 AM
बाजार में लौटी तेजी, एनर्जी शेयरों से मिल रहा सपोर्ट, गिरावट पर खरीदारी की मिल रही सलाह
चॉइस ब्रोकिंग के रिसर्च एनालिस्ट मंदार भोजने का कहना है कि डेली चार्ट से पता चलता है कि बैंक निफ्टी 20,50 और 100-डे एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है, जो बाजार में मंदी के दबाव का संकेत है

भारतीय इक्विटी बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी 20 जनवरी की सुबह के कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। बाजार को आज बैंकिंग और एनर्जी सेक्टर के शेयरों से सपोर्ट मिल रहा है। एनालिस्ट्स का कहना है कि तीसरी तिमाही के नतीजों के साथ-साथ, बैंक ऑफ जापान और यूरोपीय सेंट्रल बैंक के दरों पर लिए गए निर्णय और अमेरिकी जीडीपी डेटा से बाजार को गति मिलने की उम्मीद है।

सुबह 10.45 बजे के आसपास सेंसेक्स 130 अंक या 0.17 प्रतिशत की तेजी के साथ 71,812 पर और निफ्टी 50 अंक या 0.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ 21,670 पर दिख रहा था। लगभग 1,970 शेयरों में तेजी आई थी। 916 शेयरों में गिरावट आई और 78 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ था। ब्रॉडर मार्केट बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन कर रहे थे। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.64 फीसदी और 0.54 फीसदी तेजी दिखा रहे थे।

निफ्टी एफएमसीजी और आईटी को छोड़कर, सभी निफ्टी सेक्टोरल इंडेक्स बढ़त पर कारोबार कर रहे थे, जिसमें बैंकिंग और एनर्जी शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त देखने को मिल रही थी। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार का कहना है बाजार में हालिया करेक्शन ने बाजार में निहित तेजी के रुझान को नहीं बदला है। एफआईआई की बिकवाली की भरपाई निरंतर हो रही डीआईआई और खुदरा खरीदारी से हो रही है। अर्थव्यवस्था की मजबूती बाजार को बुनियादी सपोर्ट प्रदान कर रही है।

उन्होंने आगे कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली इतनी ज्यादा नहीं है कि बाजार में भारी गिरावट आ सके। अब बाजार पर एफआईआई की पकड़ पहले जैसी नहीं रह गई है। विजयकुमार ने आगे कहा कि यह बदलाव निवेशकों के लिए गुणवत्ता वाले ऐसे स्टॉक खरीदने का एक मौका है जो एफआईआई की बिकवाली के कारण शॉर्ट टर्म दबाव में आते हैं।

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