Market This Week : इस उतार-चढ़ाव वाले हफ़्ते में मिड और स्मॉलकैप इंडेक्सों ने बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन किया। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव,कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और FII की लगातार बिकवाली ने इन्वेस्टर्स के सेंटिमेंट पर निगेटिव असर डाला। बीते हफ़्ते,BSE सेंसेक्स 2,368.29 अंक या 2.91 फीसदी गिरकर 78,918.90 पर बंद हुआ। जबकि, Nifty50 इंडेक्स 728.2 अंक या 2.89 फीसदी गिरकर 24,450.45 पर बंद हुआ। इस हफ़्ते BSE मिडकैप,स्मॉलकैप और लार्जकैप इंडेक्स में 3-3 फीसदी की गिरावट आई।
गए हफ़्ते ज़्यादातर सेक्टोरल इंडेक्स नुकसान में रहे। निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में 6.5 फीसदी की गिरावट आई,इसके बाद निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 5 फीसदी की गिरावट आई। निफ्टी बैंक इंडेक्स में 4.5 फीसदी की गिरावट आई,जबकि निफ्टी मीडिया इंडेक्स में 4.3 फीसदी और निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 4 फीसदी की गिरावट आई। हालांकि,निफ्टी डिफेंस इंडेक्स इस ट्रेंड के विपरीत लगभग 5 फीसदी बढ़ा।
फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने 21,831.19 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इनकी बिकवाली का सिलसिला लगातार तीसरे हफ़्ते भी जारी रहा। इस बीच, डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) नेट बायर बने रहे,उन्होंने हफ़्ते के दौरान 32,786.92 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
इस हफ़्ते BSE स्मॉलकैप इंडेक्स 3.3 फीसदी टूटा, जिसमें InfoBeans Technologies, Worth Investment & Trading, Orchid Pharma, Sadhana Nitrochem, Rajesh Exports, Netweb Technologies India, Agarwal Industrial Corporation, JTL Industries, D. P. Abhushan और Stallion India Fluorochemicals के शेयर 15-25 फीसदी के बीच गिरे। दूसरी ओर, Jindal Poly Films, Jindal Drilling Industries, Hindostan Oil Exploration Company, Ruby Mills, Paras Defence and Space Technologies, Antelopus Selan Energy, Axtel Industries, Sterlite Technologies और Jupiter Wagons के शेयरों में 12-25 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल
HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी का कहना है कि पिछले कुछ सेशन में 24300 के निचले लेवल से अच्छी रिकवरी के बाद,निफ्टी शुक्रवार को बढ़त बनाए रखने में नाकाम रहा और 315 अंक तक टूट गया। कमजोर नोट पर खुलने के बाद,सेशन के ज़्यादातर हिस्से में मार्केट एक रेंज में रहा। आखिर में कमजोरी और बढ़ गई और निफ्टी आखिरकार निचले लेवल पर बंद हुआ।
गुरुवार के बुल कैंडल के बगल में डेली चार्ट पर एक लॉन्ग बेयर कैंडल बनी थी। मार्केट का मौजूदा एक्शन इस बात की ओर इशारा करता है कि निफ्टी ने गुरुवार की तेज़ बढ़त के बाद बनी बुलिश सेंटीमेंट को खत्म कर दिया है। यह अच्छा संकेत नहीं है। इससे पता चलता है कि निफ्टी शॉर्ट टर्म में बुधवार के 24300 के लो को फिर से टेस्ट कर सकता है। इसके लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24700 पर है।
LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि एक दिन की तेजी के बाद निफ्टी के फिर से फिसलने से मार्केट में मंदी लौट आई। गुरुवार की उछाल न तो दिल से आई थी और न ही भरोसेमंद थी। इससे शुक्रवार को बिकवाली हुई। इसके अलावा,इन्वेस्टर्स ने वीकेंड से पहले हल्के में रहना पसंद किया। टेक्निकली, इंडेक्स पिछले स्विंग लो से नीचे बना हुआ है,जो लगातार बनी मंदी की भावना का संकेत है।
शॉर्ट टर्म में,इंडेक्स में गिरावट जारी रह सकती है। ऐसे में इसके 24,000 या उससे नीचे जाने की संभावना है। ऊपर की तरफ 25,000 पर रेजिस्टेंस है। जब तक यह लेवल पूरी तरह से पार नहीं हो जाता, तब तक उछाल पर बिकवाली की स्ट्रैटेजी काम करती दिखेगी।
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