Market Trend: 4 अप्रैल को बीते सप्ताह के दौरान ब्रॉडर इंडेक्स दबाव में रहे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा रिसीप्रोकल टैरिफ की घोषणा के बाद घरेलू और वैश्विक बाजारों में तीव्र गिरावट के कारण 1.6 फीसदी की गिरावट के बावजूद मिड और स्मॉलकैप इंडेक्स ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। इस सप्ताह के दौरान बीएसई लार्ज-कैप और मिड-कैप इंडेक्स में 2.5-2.5 फीसदी की गिरावट आई,जबकि बीएसई स्मॉल-कैप इंडेक्स में 1.6 फीसदी की गिरावट आई।
सेक्टोरल इंडेक्सों की बात करें तो निफ्टी आईटी इंडेक्स ने ग्लोबल ग्रोथ चिंताओं के कारण कोविड 2020 के बाद से 9 प्रतिशत की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की। निफ्टी मेटल इंडेक्स में 7.5 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 4 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। जबकि निफ्टी रियल्टी और ऑटो इंडेक्स में 3 प्रतिशत की गिरावट आई।
विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) इस सप्ताह शुद्ध विक्रेता बन गए। उन्होंने 13,730.49 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची। जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 5,632.56 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी।
बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक में 1.6 प्रतिशत की गिरावट आई। पोकर्ना, गरवारे हाई-टेक फिल्म्स, अवंती फीड्स, जेनसोल इंजीनियरिंग, ब्लू जेट हेल्थकेयर, एमपीएस, शारदा क्रॉपकेम और सिग्निति टेक्नोलॉजीज में 9-25 प्रतिशत की गिरावट आई। हालांकि, हेस्टर बायोसाइंसेज, बाजार स्टाइल रिटेल, प्रिमो केमिकल्स, शिवा सीमेंट, वैलिएंट ऑर्गेनिक्स, एनएसीएल इंडस्ट्रीज, वाडीलाल इंडस्ट्रीज, स्पोर्टकिंग इंडिया, गणेश बेंजोप्लास्ट, वर्धमान टेक्सटाइल्स, पराग मिल्क फूड्स और टारसंस प्रोडक्ट्स के शेयरों में 21-46 फीसदी की तेजी देखने को मिली।
अगले हफ्ते कैसी रह सकती है निफ्टी की चाल
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ तकनीकी अनुसंधान विश्लेषक नागराज शेट्टी का कहना है कि पिछले सप्ताह डोजी जैसी कैंडल पैटर्न बनने के बाद वीकली चार्ट पर निफ्टी में कमजोरी आई। पिछले तीन वीकली कैंडल में हमें निगेटिव रिवर्सल पैटर्न देखने को मिला है। इसलिए बाजार में और अधिक कमजोरी आ सकती है।
निफ्टी का शॉर्ट टर्म ट्रेंड कमजोर बना हुआ है और डाउनवर्ड करेक्श ने गति पकड़ ली है। 22800 के स्तर से नीचे जाने पर निफ्टी निकट भविष्य में 22350 के आसपास के अगले सपोर्ट स्तर तक गिर सकता है। यहां से आने वाली किसी भी पुलबैक रैली को 23150 के स्तर के आसपास रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि निवेशकों आज रात होने वाले अमेरिकी फेड के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल के भाषण का इंतजार रहेगा। इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर फेड के आकलन और टैरिफ घोषणाओं के बाद मौद्रिक नीति में होने वाले बदलावों के बारे में जानकारी मिल सकेगी। अमेरिकी टैरिफ के मोर्चे पर होने वाली प्रगति के अलावा,बाजार का फोकस 9 अप्रैल को होने वाली आरबीआई की मौद्रिक नीति घोषणा और अगले सप्ताह 10 अप्रैल को टीसीएस के नतीजों के साथ शुरू होने वाले Q4FY25 कॉर्पोरेट नतीजों पर रहेगा।
अनुमान है कि आरबीआई के ब्याज दर निर्णय,प्री-क्वार्टरली कारोबारी अपडेट/चौथी तिमाही के परिणाम और वैश्विक बाजार से मिलने वाले संकेतों के आधार पर बाजार में वोलैटिलिटी बनी रहेगी।
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