Market Outlook After Budget 2025: कैपिटल गुड्स, इंडस्ट्रियल्स से पैसा अब खपत शेयरों पर जाएगा, कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी, QSR शेयरों को भी मिलेगा फायदा

गौतम दुग्गड़ ने आगे कहा कैपिटल गुड्स, इंडस्ट्रियल्स से पैसा अब खपत शेयरों पर जाएगा। स्टेपल से ज्यादा कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी, QSR शेयरों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि डिस्क्रिशनरी कंपनियों पर अब भी बुलिश नजरिया बना हुआ है

अपडेटेड Feb 03, 2025 पर 12:15 PM
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गौतम दुग्गड़ ने कहा कि बजट में सरकार अपनी प्राथमिकता बदल रही है। सरकार का फोकस अब खपत बढ़ाने पर हैं।

Market Outlook After Budget 2025: कैपिटल गुड्स, इंडस्ट्रियल्स से पैसा अब खपत शेयरों पर जाएगा। ये कहना है कि मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेस के Institutional Equities के Head of Research गौतम दुग्गड़ (Gautam Duggad) का। बजट के बाद बाजार में कहां फोकस करना चाहिए? इस पर सीएनबीसी-आवाज से खास बातचीत में गौतम दुग्गड़ ने कहा कि बजट में सरकार अपनी प्राथमिकता बदल रही है। सरकार का फोकस अब खपत बढ़ाने पर हैं। क्योंकि पिछले 3 साल से खपत में काफी कमजोरी दिखी है। सरकार को खपत घटने का फीडबैक मिला होगा। जिसके चलते सरकार ने बजट में अपनी प्राथमिकता बदली है। ये बजट चुनावी बजट नहीं बल्कि जनता का बजट है | 4 साल से सरकार का कैपेक्स आवंटन 31% बढ़ा है।

गौतम दुग्गड़ ने कहा कि आगे आने वाले बजट में भी सरकार का फोकस खपत बढ़ाने पर रह सकता है। यहीं कारण है कि आगे कैपेक्स के मल्टीपल धीरे-धीरे कम होते नजर आएगे। और कंज्मशन जो पिछले 4 सालों से डीरेट हुआ है उसमें तेजी आएगी। भारत के टॉप 20 म्यूचुअल फंड वो इंडस्ट्रियल ऑफ कैपिटल गुड्स में ओवरवेट है। उसमें से 16 फंड्स कंज्मशन पर अंडरवेट है। जिसके चलते ओनरशिप का भी रीबैलेंसिंग होगा।

स्टेपल से ज्यादा कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी, QSR शेयरों को मिलेगा फायदा


गौतम दुग्गड़ ने आगे कहा कैपिटल गुड्स, इंडस्ट्रियल्स से पैसा अब खपत शेयरों पर जाएगा। स्टेपल से ज्यादा कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी, QSR शेयरों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि डिस्क्रिशनरी कंपनियों पर अब भी बुलिश नजरिया बना हुआ है। ट्रेंट, टाइटन, इंडियन होटल्स, पेज इंडस्ट्रीज, मेट्रो के शेयरों पर हमारा नजरिया ओवरवेट है। वहीं स्टेपल पर हमारा नजिरया अंडरवेट है।

सरकार ने वित्तीय घाटे से अपना ध्यान नहीं हटाया

इस बातचीत में गौतम दुग्गड़ ने आगे कहा कि कोविड के मुकाबले वित्तीय घाटा बहुत कम रहा है। सरकार ने पिछले 10 सालों से कभी भी वित्तीय घाटे से अपना ध्यान नहीं हटाया है। जिसके कारण मैक्रो इकोनॉमिक की क्रेडिबिलिटी बहुत मजबूत रही है। फिस्कल कंसोलिडेशन से फोकस ना हटाना लॉन्ग टर्म के लिए बहुत अच्छा है। सरकार ने कंजम्शन को बढ़ावा दिया और कैपेक्स को थोड़ा मोडरेट किया है। वित्त मंत्री ने यह सब करते हुए यह बात ध्यान में रखी है कि बजट के लिए बिलीवेबल रहे।

ऑटो पर भी बुलिश नजरिया

गौतम दुग्गड़ ने कहा कि मारुति, एमएंडएम , टीवीएस मोटर पर उनका नजरिया बुलिश है। 2-3 साल पहले पोर्टफोलियों से मारुति सुजुकी के शेयर को निकला था और एमएंडएम को जोड़ा था। वैल्यूएशन के लिहाज से मारुति सुजुकी काफी आकर्षक हुआ है।

 

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