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Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 26 अगस्त को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook :जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि ईरान पर अमेरिका के जिन प्रतिबंधों का बेसब्री से इंतज़ार था वे बाजार की उम्मीदों से कम रहे। इससे कच्चे तेल की कीमतें और बॉन्ड यील्ड अपने हालिया हाई से नीचे आ गए। एनर्जी की लागत में इस राहत की वजह से आज मंथली एक्सपायरी के दिन बाजार में थोड़ी तेजी रही

Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Aug 25, 2026 पर 4:10 PM
Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 26 अगस्त को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल
Market Outlook : वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी की बड़ी ट्रेडिंग रेंज 57,000 से 58,000 के बीच है,जिसमें 58,000–58,200 का लेवल एक अहम रेजिस्टेंस जोन का काम कर रहा है

Market Outlook : 25 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे एक्सपायरी सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,300 के आसपास रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 286.98 अंक या 0.37 प्रतिशत बढ़कर 77,656.09 पर और निफ्टी 115.50 अंक या 0.48 प्रतिशत बढ़कर 24,334.55 पर बंद हुआ। लगभग 1993 शेयरों में बढ़त रही, 2153 शेयरों में गिरावट आई और 156 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में अदाणी एंटरप्राइजेज,इंटरग्लोब एविएशन,मैक्स हेल्थकेयर,अपोलो हॉस्पिटल्स और अडानी पोर्ट्स शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में सिप्ला,HDFC लाइफ, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज,ONGC और कोल इंडिया शामिल रहे।

सेक्टरों की बात करें तो कंज्यूमर ड्यूरेबल,इंफ्रा,IT,मीडिया,फार्मा और PSU बैंक में 0.5% तक की बढ़त दिखी। जबकि एनर्जी,मेटल और प्राइवेट बैंक सेक्टर में बिकवाली आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत की बढ़त हुई,जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि ईरान पर अमेरिका के जिन प्रतिबंधों का बेसब्री से इंतज़ार था वे बाजार की उम्मीदों से कम रहे। इससे कच्चे तेल की कीमतें और बॉन्ड यील्ड अपने हालिया हाई से नीचे आ गए। एनर्जी की लागत में इस राहत की वजह से आज मंथली एक्सपायरी के दिन बाजार में थोड़ी तेजी रही।

हेल्थकेयर और फाइनेंशियल सेक्टर ने शेष बाजार के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। घरेलू बॉन्ड बाजार में कुछ स्थिरता के संकेत मिलने के बाद निवेशकों ने डिफेंसिव और घरेलू इकोनॉमी पर फोकस्ड सेक्टरों की ओर रुख किया।

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