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Market outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 28 जनवरी को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Stock market today : घरेलू बाज़ार में आज का ट्रेडिंग सेशन उतार-चढ़ाव भरा रहा। मंथली एक्सपायरी के दिन बाजार हरे निशान में बंद हुआ। बाजार पर मिले-जुले संकेतों और नए टैरिफ की चिंताओं का असर देखने को मिला। लेकिन भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते के पूरा होने की उम्मीदों से कुछ राहत भी मिली

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Jan 27, 2026 पर 4:29 PM
Market outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 28 जनवरी को कैसी रह सकती है इसकी चाल
Market cues: एलकेपी सिक्योरिटीज के तकनीकी विश्लेषक वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी डेली चार्ट पर एक लंबी बुलिश कैंडलस्टिक के साथ बंद हुआ,जो मजबूत खरीदारी का संकेत है

Stock market : भारतीय इक्विटी इंडेक्स 27 जनवरी को पॉजिटिव नोट पर बंद हुए। निफ्टी 25,150 के ऊपर बंद हुआ। आज के ट्रेडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 319.78 अंक या 0.39 प्रतिशत बढ़कर 81,857.48 पर और निफ्टी 126.75 अंक या 0.51 प्रतिशत बढ़कर 25,175.40 पर बंद हुआ। लगभग 1901 शेयरों में तेजी आई, 2209 शेयरों में गिरावट आई और 163 शेयर अपरिवर्तित रहे। निफ्टी के सबसे बड़े गेनर अदानी एंटरप्राइजेज, एक्सिस बैंक, JSW स्टील, अदानी पोर्ट्स और ग्रासिम इंडस्ट्रीज रहे। जबकि लूजर में M&M, कोटक महिंद्रा बैंक, एशियन पेंट्स, बजाज फिनसर्व और एटर्नल शामिल रहे। ऑटो, FMCG,मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर बाकी सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। मेटल इंडेक्स 3% ऊपर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन पिछले सेशन के ₹451.6 लाख करोड़ से बढ़कर ₹454.6 लाख करोड़ हो गया, जिससे इन्वेस्टर्स की वेल्थ एक ही सेशन में करीब ₹3 लाख करोड़ ज़्यादा बढ़ गई। India-EU FTA से मार्केट सेंटीमेंट में सुधार हुआ। हालांकि,FII की बिकवाली,जियोपॉलिटिकल जोखिमों से जुड़ी चिंताएं और मिले-जुले Q3 नतीजों ने मार्केट की बढ़त को सीमित कर दिया।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि घरेलू बाज़ार में आज का ट्रेडिंग सेशन उतार-चढ़ाव भरा रहा। मंथली एक्सपायरी के दिन बाजार हरे निशान में बंद हुआ। बाजार पर मिले-जुले संकेतों और नए टैरिफ की चिंताओं का असर देखने को मिला। लेकिन भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते के पूरा होने की उम्मीदों से कुछ राहत भी मिली।

भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते से कॉम्पिटिटिव दबाव के बढ़ने चिंताओं के चलते ऑटो और बेवरेज स्टॉक्स में गिरावट आई। इन्वेस्टर्स की नजर तीसरी तिमाही के नतीजों पर बनी हुई है जो अब तक मिले-जुले रहे हैं। शॉर्ट टर्म बाजार की आगे की दिशा का अनुमान लगाने के लिए निवेशक US FED के आने वाले इंटरेस्ट रेट के फैसले और यूनियन बजट का इंतज़ार कर रहे हैं।

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