Stock market : 8 अगस्त को भारी उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी आज 24,100 से नीचे चला गया। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 581.79 अंक या 0.73 फीसदी की गिरावट के साथ 78,886.22 पर बंद हुआ है। वहीं, निफ्टी 180.50 अंक या 0.74 फीसदी की गिरावट के साथ 24,117.00 पर बंद हुआ है। आज लगभग 1702 शेयरों में तेजी आई, 1679 शेयरों में गिरावट आई और 84 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
निफ्टी पर एलटीआईमाइंडट्री, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, एशियन पेंट्स, पावर ग्रिड कॉर्प और इंफोसिस सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। जबकि एचडीएफसी लाइफ, टाटा मोटर्स, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, एचडीएफसी बैंक और सिप्ला निफ्टी के टॉप गेनर रहे
सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो फार्मा, हेल्थकेयर और मीडिया को छोड़कर दूसरे सभी इंडेक्स लाल निशान पर बंद हुए हैं। मेटल, रियल्टी, तेल और गैस और आईटी इंडेक्स में 1-2 फीसदी की गिरावट आई है। बीएसई मिडकैप इंडेक्स में 0.4 फीसदी की गिरावट आई है और स्मॉलकैप इंडेक्स की सपाट क्लोजिंग हुई है।
9 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल
प्रोग्रेसिव शेयर्स के निदेशक आदित्य गग्गर का कहना है कि भारी उठापटक बीच, निफ्टी 50 वीकली क्लोजिंग के दिन 180.50 अंकों की गिरावट के साथ 24,117 पर बंद हुआ। सेक्टोरल इंडेक्सों में फार्मा सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला रहा, जबकि आईटी और मेटल में सबसे ज़्यादा गिरावट आई। 0.30 फीसदी की मामूली गिरावट के साथ मिड और स्मॉलकैप ने फ्रंटलाइन इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। इंडेक्स एक बड़े रेंज में उतार-चढ़ाव कर रहा है। जहां नीचे की ओर 23,965 (50DMA के नज़दीक) पर सपोर्ट दिख रहा है। जबकि ऊपर की ओर 24,330 (बियरिश गैप जोन) पर रजिस्टेंस है। बाजार की स्पष्ट तस्वीर के लिए दोनों में किसी भी तरफ ब्रेकआउट जरूरी है।
रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा का कहना है कि ग्लोबल अनिश्चितता के कारण बाजार में सतर्कता देखने को मिल रही है। शॉर्ट टर्म राहत की संभावना कम ही नजर आ रही है। निफ्टी 24,350 अंक के आसपास रजिस्टेंस का सामना कर रहा है। 23,900 से नीचे की ब्रेकआउट से और गिरावट आ सकती है। ट्रेडर्स को सलाह है कि वे मौजूदा वोलैटिलिटा से निपटने के लिए हेज्ड रणनीति के साथ अपनी पोजीशन को समायोजित करें।
बाजार जानकारों का कहना है कि अगले छह महीनों में बाजार में अस्थिरता जारी रहने की उम्मीद है। दुनियाभर में कुछ बड़े इवेंट होने वाले हैं, जैसे अमेरिकी चुनाव, फेड द्वारा ब्याज दरों में कटौती और इजरायल-ईरान संघर्ष। हमें वोलैटिलिटी को साथ जीना सीख लेना चाहिए। बाजार में गिरावट का फायदा उठाकर क्वालिटी शेयरों में निवेश करना चाहिए।
एक्सपर्ट्स की राय है कि खासकर भारत के लिए एक अच्छी बात यह है कि कमोडिटी में अच्छा सुधार हुआ है और अच्छी बारिश हो रही। इससे आने वाले महीनों में महंगाई पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी और आरबीआई को वित्त वर्ष 2025 की दूसरी छमाही में ब्याज दरों में कटौती करने की गुंजाइश मिलेगी।
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